संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर के रामलीला मैदान में रामलीला उत्सव के पांचवें दिन भरत मिलाप के मनमोहक दृश्यों से दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शक भाव विभोर हो गए। राम और भरत का स्नेह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
सोमवार को रामलीला के पांचवें दिन पंचवटी में भरत-शत्रुघ्न अपनी तीनों माताओं कैकेयी, कौशल्या और सुमित्रा और गुरु वशिष्ठ सहित पंचवटी में श्रीराम से मिलने पहुंचते हैं। इस दौरान भरत श्रीराम को वापस अयोध्या लौटने को कहते हैं और अयोध्या का साम्राज्य संभालने का आग्रह करते हैं। इसे श्रीराम यह कह कर ठुकरा देते हैं कि इससे उनके कुल की बदनामी होगी। वे अपने पिता दशरथ को दिए वचन को पूरा करने के उपरांत चौदह वर्ष का वनवास काट कर अयोध्या लौटेंगे। इस पर भरत बेहद भावुक हो होकर फूट-फूट कर रोने लगते हैं। बाद में भरत श्रीराम की चरण पादुकाओं को लेकर अयोध्या लौट आते हैं। जोगिंद्रनगर में श्रीराम कलामंच के कलाकारों द्वारा आयोजित रामलीला में पंचवटी में लंकापति रावण की बहन सरूपनखा प्रवेश का दृश्य आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। श्रीराम कलामंच के प्रधान पंकज ठाकुर, सचिव सचिन सूद, निदेशक चंदन चौहान ने बताया कि स्थानीय कलाकारों द्वारा अपनी प्रतिभा से अनेकाें चरित्र चरित्रार्थ कर रहे हैं।