सराज घाटी के लंबाथाच शमशानघाट में सैनिक को तिरंगे में पुष्पअर्पित कर अंतिम विदाई देते सैनिक अधि?
- फोटो : Mandi
थुनाग (मंडी)। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में सेना की डोगरा रेजिमेंट में सेवाएं दे रहे सराज घाटी के लंबाथाच निवासी हवलदार देश राज की हृदय गति रुकने से 9 जुुलाई को मौत हो गई।
सोमवार को सेना के वाहन से उनकी पार्थिव देह को पैतृक गांव लंबाथाच लगाया गया। यहां नम आंखों से राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार दोपहर 2:20 बजे सेना टुकड़ी शव को लंबाथाच गांव लाई। परिजनों की चीखपुकार से माहौल गमगीन हो गया।
रविवार रात से ही सैनिक के रिश्तेदार, पड़ोसी और लोग बड़ी संख्या में उनके घर पर एकत्रित हो गए। सेना की टुकड़ी ने सैनिक को गार्ड ऑफ आर्नर देकर अंतिम विदाई दी। सैनिक के बेटे नितिन ने पिता को मुख्याग्नि दी। लोगों ने शव पर फूल मालाएं चढ़ाईं। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार थुनाग दीक्षांत ठाकुर और अन्य अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
31 जुलाई को थी सेवानिवृत्ति
देश राज वर्ष 1998 में भारतीय सेना की डोगरा रेजीमेंट में बतौर सैनिक भर्ती हुए थे। उसके बाद वे हलवलदार पद पर तैनात थे। देश राज के पिता रामचंद्र और छोटा भाई हरदेव किसान हैं। देशराज के परिवार में पत्नी, पुत्र नितिन ठाकुर और बेटी शिवानी हैं। बेटे ने जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण की है। बेटी सुंदरनगर के निजी संस्थान से बीएससी कर रही है। देशराज को 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने था। इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
सराज घाटी के लंबाथाम शमशानघाट पर सैनिक पिता को मुखाग्नि की रस्म को निभाता बेटा संवाद- फोटो : Mandi