मंडी/जोगिंद्रनगर। जिलेभर में बुधवार को दोपहर के समय तापमान 39 डिग्री पहुंच गया। कई लोगों के चेहरे प्रचंड गर्मी से मुरझा से गए थे, लेकिन जैसी ही दोपहर बाद बारिश की बूंदे राहत बनकर बरसीं तो चेहरों पर मुस्कान आ गई। इंदिरा मार्केट की छत्त पर लोग हल्की बारिश के बीच मुस्कराते हुए निकले। इससे प्राकृतिक जलस्रोतों के रिचार्ज होने के साथ ही जंगल की आग भी ठंडी हो गई है।
हालांकि बारिश के साथ अंधड़ चलने से मंडी शहर में बार-बार बिजली कट लगने से लोग परेशान भी हुए। बुधवार को दोपहर 2 बजे तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री के करीब था, लेकिन बारिश के बाद शाम को तापमान 37.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान पिछले 24 घंटों में 20.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार 6 जून को भी जिले में कहीं-कहीं पर बारिश होने की संभावना है। 7 जून से मौसम साफ रहेगा। इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
उधर, बारिश होने से आग से दहक रहे जंगलों को भी राहत मिली। दोपहर बाद हुई तेज बारिश से वन मंडल जोगिंद्रनगर में दहक रहे जंगल भी जलने से बच गए। बनौण धार के जंगल में लगी आग बारिश के होते ही बुझ गई। जोगिंद्रनगर उपमंडल की ढेलू, हराबाग, जिमजिमा व लडभड़ोल व चौंतड़ा क्षेत्र में धान, मक्की, चरी और बाजरा की बिजाई के लिए बारिश वरदान बनकर बरसी है। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है। दोपहर करीब दो बजे से देर शाम तक हुई बारिश से हर वर्ग के लोग खुश नजर आए।
जून माह में बारिश शुरू होते ही जलशक्ति विभाग के प्राकृतिक पेयजल स्त्रोत रिचार्ज होने शुरू हो गए हैं। इससे पेयजल संकट से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। उठाऊ पेयजल योजनाओं के लिए भी बारिश राहत बनकर बरसी है।
-राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति मंडल, जोगिंद्रनगर
धान, मक्की, चरी और बाजरे की बिजाई के लिए जून माह में बारिश संजीवनी साबित होगी। खेतों में पानी भर जाने से नमी भी आई है। इसका लाभ किसान और बागवानों को मिलेगा।
-सोनम, कृषि विषयवाद विशेषज्ञ।