थुनाग (मंडी)। जिले में एक बार फिर से मौसम ने करवट बदल ली है। ऊपरी इलाकों में वीरवार सुबह से पहाड़ियों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश शुरू हुई। यह सिलसिला दिनभर रुक-रुक कर जारी रहा। जिला मुख्यालय मंडी में दिन को अंधेरा छा गया। बर्फबारी और बारिश होने से एक बार फिर पूरी सराज घाटी शीतलहर की चपेट में आ गई है।
सराज घाटी की ऊंची पहाड़ियों माता शिकारी देवी में 12 सेंटीमीटर, शैटाधार में छह सेंटीमीटर, तुंगासीगढ़ में छह सेंटीमीटर, मगरूगला में आठ सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई। सराज के अन्य क्षेत्रों गाडागुशैनी, चेत चिउणी, कुलथनी, सराची, बागाचनोगी आदि में भी बर्फबारी हुई। निचले क्षेत्रों में दिनभर बारिश हुई। ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी होने और निचले इलाकों में बारिश के कारण घाटी में एक बार तापमान फिर गिर गया है। बर्फबारी और बारिश से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है।
ताजा बर्फबारी के कारण छतरी-गाड़ागुशैण, जंजैहली-छतरी सड़क, जंजैहली-शिकारी माता, बुंग भलवाड़-रेशन-खौली, चिऊणी-चेत-शैटाधार सड़क और टपनाली-गाड़ागुशैण सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। बर्फबारी से चेत-मंडी, छतरी-मंडी और शंकर देहरा-जंजैहली चलने वाली बस सेवाएं बाधित रहीं।
उधर, लोक निर्माण विभाग जंजैहली के अधिशासी अभियंता रोशन लाल ने बताया कि अधिकांश सड़कों को शाम तक खोल दिया गया है। शेष सड़कों को शुक्रवार दोपहर बाद तक बहाल कर दिया जाएगा।
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नाचन, सराज में ओलावृष्टि से मटर की फसल को नुकसान
गोहर (मंडी)। नाचन और सराज की कई पंचायतों में वीरवार शाम अचानक मौसम खराब होने के बाद ओलावृष्टि हुई। इससे मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर मटर की फलियां आकार ले रही हैं और कई पंचायतों में आजकल प्लम की फ्लावरिंग जोरों पर है। ओले पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र की चच्योट, शिल्हनू, नौंन, चैलचौक, देवधार, जहल समेत आसपास की पंचायतों में ओलावृष्टि से किसानों में चिंता गहरा गई है। आजकल नाचन और सराज में अनेक जगह मटर का तुड़ान शुरू हो गया है। किसानों मनोज कुमार, गीता नंद, नंद लाल, ठाकर दास, नाग, लाभ सिंह, देवी राम, नेत्र सिंह, यशपाल आदि ने बताया कि ओलावृष्टि होने से मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार गोहर कृष्ण कुमार ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।
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फसलों और सेब पौधों को मिलेगी संजीवनी
गोहर (मंडी)। बर्फबारी और बारिश से फसलों और सेब पौधों को संजीवनी मिलेगी। बारिश से किसानों, बागवानों, पर्यटकों समेत देव समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सेब बगीचों के लिए बारिश और बर्फबारी की बेहद जरूरत थी। किसान-बागवान अधिक बारिश और बर्फबारी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसानों उत्तम चंद, राजीव ठाकुर, मुरारी लाल, दीपक, यशवंत, चंद्रमणि, नाग, यशु, तोम चंद ने बताया कि बारिश फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध हुई है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. चिंत राम ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी और बारिश सेब पौधों के लिए रामबाण है। सेब बगीचों में नमी और चिलिंग आवर्स से पैदावार के अच्छे होने के संकेत है। एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने लोगों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। संवाद