बल्ह घाटी के किसानों के साथ सुकेती खड्ड के जलचरों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा
तीन महीने तक घाटी में गाद बनेगी परेशानी का सबब
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। बीबीएमबी की 990 मेगावाट बीएसएल परियोजना के सुंदरनगर जलाशय से ड्रेजरों के माध्यम से गाद निकालकर सुकेती खड्ड में डाली जानी शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया अगले तीन माह तक चलेगी। इससे नाचन और बल्ह घाटी के किसानों के साथ-साथ सुकेती खड्ड के जलचरों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
हर वर्ष बरसात के दौरान जलाशय में जमी गाद सुकेती खड्ड में छोड़ी जाती है, जिससे खेतों में गाद जमा होने, फसलों, पेड़-पौधों और जलीय जीवों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। किसान सीता राम, देवी राम और नंद लाल ने आरोप लगाया कि बीबीएमबी वर्षों से गाद बहाकर खेती और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थायी समाधान की मांग को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब नुकसान का मुआवजा भी बंद कर दिया गया है।
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पर्यावरणीय नियमों के तहत हो रहा कार्य : बीबीएमबी
बीबीएमबी के उप मुख्य अभियंता कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि गाद निकासी का कार्य पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप आधुनिक मशीनों से किया जा रहा है। यह प्रक्रिया तीन माह तक चलेगी और इसके लिए न्यायालय से अनुमति प्राप्त है।