मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के ड्रीम प्रोजेक्ट शिवधाम का निर्माण कार्य दो साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। पर्यटन विकास निगम अब नए सिरे से टेंडर जारी करेगा, जिससे 40 करोड़ रुपये की लागत से 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों का सौंदर्यीकरण, शिवस्मृति म्यूजियम, हर्बल गार्डन, नक्षत्र वाटिका, एमफी थियेटर जैसे निर्माण कार्य शुरू होंगे।
इस कदम से अधर में लटका शिवधाम प्रोजेक्ट नए साल में आकार ले सकता है। फरवरी 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिवधाम का नींव पत्थर रखा था। यह शिवधाम मंडी शहर के साथ लगते कांगनीधार जंगल में बनेगा। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में बारह ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां, भगवान शिव और गणेश की प्रतिमाएं, संग्रहालय, फूड कोर्ट, हर्बल गार्डन, नक्षत्र वाटिका, एमफी-थिएटर, ओरिएंटेशन सेंटर और कार पार्किंग जैसे ढांचों का निर्माण प्रस्तावित था।
वर्तमान में चार ज्योतिर्लिंगों का ढांचा तैयार हो चुका है, जबकि पांचवें और छठे का 90 फीसदी और सातवें और आठवें का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। चार अन्य ज्योतिर्लिंग सड़क के नीचे बनाए जाने हैं, जिनका फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है। अब ढांचा तैयार किया जाएगा। इस पर अब तक करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
सितंबर 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से शिवधाम का कार्य ठप पड़ा था। 2024 के शुरुआत में पर्यटन विकास निगम ने टेंडर जारी किए थे, लेकिन दो कंपनियों के आपसी विवाद के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और मामला कोर्ट में चला गया। अब कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद निगम फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जिससे नए साल में शिवधाम को लेकर कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
देश का दूसरा सबसे ऊंचा शिवलिंग बनेगा
मंडी में निर्माणाधीन शिवधाम में देश का दूसरा सबसे ऊंचा शिवलिंग होगा। मौजूदा समय में देश में सबसे ऊंचा शिवलिंग केरल के तिरुवनंतपुरुम में माहेश्वरम श्रीशिवा पार्वती मंदिर में है। इसकी ऊंचाई 111.2 फीट है। इससे कम 108 फीट का शिवलिंग भूतेश्वर महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ में है। मंडी के शिवधाम में 108 फीट ऊंचा शिवलिंग बनेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मंडी देश-दुनिया की धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा।
अभी तक मंडी शिव धाम में चार ज्योतिर्लिंगों का निर्माण हो गया है। आठ ज्योतिर्लिंग अभी और विकसित किए जाने हैं। कोर्ट में मामला होने की वजह से टेंडर प्रक्रिया में देरी हो रही थी। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब टेंडर प्रकिया शुरू की जाएगी, ताकि शेष कार्य को पूरा किया जा सके। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
-रघुबीर सिंह बाली, अध्यक्ष, पर्यटन विकास निगम
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
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