ढेलू हार में तैयार हुआ सात हजार फलदार पौधों का क्लस्टर। -संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर के ढेलू हार गांव में शिवा परियोजना के अंतर्गत 6.5 हेक्टेयर भूमि पर सात हजार अमरूद के पौधों का क्लस्टर तैयार हो गया है। उद्यान विभाग ने इस परियोजना के जरिए 19 नए परिवारों को आर्थिक मजबूती की सौगात दी है।
तीन साल बाद यह पौधे फल देने लगेंगे। इससे अनुमानित 35 से 40 हजार क्विंटल अमरूद का उत्पादन होगा। इस क्लस्टर को विकसित करने के लिए पिछले एक साल से भूमि सुधार कार्य चल रहा था और अब पौधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ढेलू पंचायत के इस क्लस्टर में ‘ललित’ और ‘हिसार सफेदा’ किस्मों के अमरूद के पौधे लगाए गए हैं। ‘ललित’ किस्म के अमरूद का अंदरूनी रंग लाल होगा, जबकि ‘हिसार सफेदा’ के फल का अंदर से सफेद रंग होगा। सीजन के दौरान ये अमरूद 80-100 रुपये प्रति किलो बिकते हैं और ऑफ सीजन में 150-200 रुपये प्रति किलो तक का मूल्य प्राप्त होता है।
बता दें कि जोगिंद्रनगर उपमंडल में एकीकृत बागवानी विकास योजना मिशन के तहत किसानों को फलदार पौधों से आजीविका कमाने बारे प्रोत्साहित किया जा रहा है। लडभड़ोल क्षेत्र में भी उद्यान विभाग द्वारा किसानों को फलदार पौधों और सस्ते कृषि उपकरणों की सुविधा दी जा रही है। डोल और कोठी गांवों में भी ऐसे क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आर्थिकी को और सुदृढ़ किया जाएगा।
उद्यान विभाग जोगिंद्रनगर की विकास अधिकारी डॉ. निधि ने बताया कि इस परियोजना के जरिए किसानों को स्थायी आय के स्रोत उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।