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जर्मन तकनीक के 40 स्थानों पर लगाए जाएंगे सेंसर युक्त डस्टबिन

Mon, 19 Dec 2016 10:27 PM IST
मंडी
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कूड़ेदान - फोटो : amar ujala
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सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए भूमिगत डस्टबिन स्थापित करने का काम इस माह के अंत तक शुरू हो जाएगा। धर्मशाला में भूमिगत डस्टबिन का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण के तहत सुंदरनगर में भूमिगत डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। नगर परिषद ने शहर के विभिन्न वार्डों का सर्वे कर पहले चरण में करीब 40 स्थानों को डस्टबिन लगाने के लिए चिन्हित किया है।
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इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र के सहयोग से एक पॉयलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत डस्टबिन स्थापित करने की कवायद के लिए बंगलूरू से विशेषज्ञों की टीम ने विभिन्न वार्डों का दौरा कर इन्हें स्थापित करने के लिए स्थानों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया है।

केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से प्रदेश सरकार ने सुंदरनगर, पौंटा साहिब और धर्मशाला को कूड़ा मुक्त करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट मंजूर करवाया है। जिसके तहत सुंदरनगर, पौंटा साहिब व धर्मशाला में करीब 15 करोड़ की लागत से 150 भूमिगत डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। जर्मन तकनीक से बने यह डस्टबिन सेंसर से काम करेंगे। जमीन में करीब छह फीट नीचे डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए दो मीटर चौड़े गड्ढे बना कर इन्हें स्थापित किया जाना है।
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डस्टबिन के एक सेट की कीमत छह से सात लाख के बीच है। स्थापित किए डस्टबिन तीन तरह के होंगे। जिनमें सूखा व गीला और बॉयोमेडिकल वेस्ट अलग-अलग से डाला जाएगा। डस्टबिन जब कूड़े-कचरे से भर जाएंगे तो सेंसर के माध्यम से नगर परिषद के कार्यालय में स्थापित होने वाले कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद एक विशेष वाहन के माध्यम से इन्हें गारबेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाया जाएगा। नगर परिषद सुंदरनगर के कार्यकारी अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि धर्मशाला में भूमिगत डस्टबिन लगाने का कार्य करीब-करीब पूरा कर लिया गया है। इसके उपरांत दूसरे चरण का कार्य सुंदरनगर में कंपनी इसी माह के अंत में आरंभ कर देगी।
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