गोहर (मंडी)। मंडी जिले में हिमफेड के डिपुओं और सहकारी सभाओं में खाद की आपूर्ति न होने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। मौजूदा समय में फसलों और फलों के लिए खाद डालने का उपयुक्त समय है, लेकिन गोदाम खाली होने के कारण किसानों और बागवानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
जिला के कृषि और बागवानी खंडों में किसान बागवान मटर के लिए 12:32:16 खाद के लिए भटक रहे हैं। वहीं, बागवान सेब तुड़ान के बाद बगीचों में अगली फसल के लिए बीमों की मजबूती को देखते हुए 15-15-15 खाद के लिए हिमफेड के गोदामों के चक्कर काट रहे हैं। मगर खाद नहीं मिल पा रही है।
हिमफेड के अधिकारियों का तर्क है कि मंडी जिला के डिपो होल्डर और सहकारी सभाओं के स्टॉक में रिकॉर्ड के मुताबिक खाद पेंडिंग है। इसको देखते हुए सरकार खाद की आपूर्ति नहीं कर रही है। लिहाजा इसका नुकसान किसानों बागवानों को उठाना पड़ रहा है। हिमफेड के अधिकारियों का कहना है कि डिपो होल्डरों और सहकारी सभाओं को दी गई सेल मशीन से होने वाली सेल का रिकॉर्ड हिमफेड के पास सही तरीके से नहीं पहुंच रहा है। इससे भी यह समस्या पेश आई है।
हिमफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक शेष राम ने बताया कि जब तक डिपो होल्डर और सहकारी सभाएं अपना सेल रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं करते हैं, तब तक सरकार की ओर से खाद की आपूर्ति की नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में करीब 500 डिपो होल्डर और सहकारी सभाएं बागवानों को खाद की आपूर्ति करती हैं। कई डिपो होल्डर मशीनें खराब होने का बहाना बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी डिपो होल्डर जब तक सेल रिकॉर्ड सही नहीं करते तब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा।
15 अगस्त से शुरू होने वाली मटर बिजाई
मंडी जिला में करसोग, नाचन, सिराज और अन्य खंडों में मटर की बिजाई आगामी 15 अगस्त से शुरू होने वाली है। जिसके लिए 12:32:16 खाद की हजारों बोरियों की मांग है। वहीं, लोअर बेल्ट में सेब तुड़ान खत्म हो गया है और अगली फसल के लिए 15 15 15 खाद की भारी मांग है।
खाद की भारी जरूरत पर नहीं मिल रही
क्षेत्र के किसानों-बागवानों प्रेम ठाकुर, बृज लाल, लीला प्रकाश, हेम सिंह, दिवान, मुरारी लाल, किशोरी लाल, लाल सिंह, डोलू, लीला मणि, टेक चंद, जयचंद, दयाकृष्ण और दुनी चंद ने बताया कि उन्हें खाद की भारी जरूरत है। मगर उन्हें खाद कहीं भी नहीं मिल रही। नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष बीके ठाकुर और उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने कहा है कि सरकार जल्द किसानों-बागवानों को खाद उपलब्ध करवाए अन्यथा संघ आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।