थुनाग (मंडी)। सिराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में 30 करोड़ रुपये की लागत से बने लघु सचिवालय भवन की सुरक्षा पर संकट मंडराया है। लगातार बारिश के कारण भवन की दूसरी मंजिल तक पानी और कीचड़ भर गया है। भवन के पीछे से भूस्खलन जारी है, जिससे मलबा और पानी भवन की ऊपरी मंजिल तक पहुंच चुका है।
लघु सचिवालय थुनाग का भवन मंडी जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक भवन है। इसमें भवन पर अचानक मंडराए इस खतरे से प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। तीन साल पहले बने इस भवन में एसडीएम, तहसील और जल शक्ति मंडल कार्यालय सहित एक दर्जन विभाग चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान तीन साल पहले तैयार किया गया था।
निर्माण के लिए चुनी गई जगह चिकनी मिट्टी की पहाड़ी पर आधारित थी और पूर्व सरकार ने रिटेनिंग वॉल का निर्माण नहीं कराया था। इस कारण विशेषकर बरसात के मौसम में भूस्खलन की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रशासन ने भवन की पार्किंग को खाली कर दिया है और अधिकारियों को भूस्खलन की निगरानी करने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग मंडल जंजैहली के कार्यकारी अधिशासी अभियंता रोशन लाल ने सुरक्षा दीवार बनाने और पानी की निकासी के उपायों की योजना बनाई है। एसडीएम थुनाग चंद्र प्रकाश ने भवन में आए मलबे की रिपोर्ट तलब की है और आवश्यक कदम उठाने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भी भेजा है।
मिनी सचिवालय भवन थुनाग। संवाद