पंडोह (मंडी)। पंडोह में तीन पीपल के इंडस स्कूल के पास बीती बरसात में भारी बारिश से हुए भूस्खलन के मलबे को हटाने के लिए एनएचएआई प्रबंधन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हैरानी की बात है कि फिर से बरसात आने वाली है, लेकिन एनएचएआई और फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी ने अभी तक पिछली बरसात में गिरे मलबे को एनएच से नहीं उठाया है।
आज भी मलबा एनएच के किनारे ही पड़ा है और इसकी वजह से सड़क तंग हो गई है। इससे लोगों को आवागमन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, निजी स्कूल के भवन की सुरक्षा के लिए एनएचएआई और कंपनी ने यहां डंगा लगाने की बात कही थी, लेकिन आज दिन तक डंगा भी नहीं लग सका है। अब बरसात का मौसम नजदीक आता देख लोगों की चिंताएं फिर से बढ़ने लगी हैं। यदि यहां डंगा नहीं लगा तो फिर स्कूल के साथ लगते भवनों के लिए भी खतरा पैदा हो जाएगा।
स्थानीय निवासी राजेंद्र शर्मा और ग्राम पंचायत पंडोह की प्रधान गीता देवी ने बताया कि समस्या को एनएचएआई के अधिकारियों के समक्ष रखा था। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया, लेकिन आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने एनएचएआई और कंपनी को चेताया है कि अगर यहां से मलबा हटाकर जल्द डंगा नहीं लगाया तो लोग सड़कों पर उतरकर विरोध करने के लिए विवश होंगे।
जेएनवी से कैंची मोड़ तक एनएच की हालत खस्ता
फोरलेन निर्माण के चलते जवाहर नवोदय स्कूल से लेकर पंडोह डैम से आगे कैंची मोड़ तक का हिस्सा एक तरह से लावारिस हालत में है। फोरलेन का निर्माण पंडोह बाजार से बाहर हो रहा है, लेकिन पुराने हाईवे की मरम्मत और इसकी देखरेख की ओर कोई ध्यान नहीं दिाय जा रहा है। बरसात से क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की आजतक मरम्मत नहीं करवाई गई। कई जगह पर सड़क टूटी है और गढ्डे पड़े हैं, लेकिन इसकी दशा सुधारने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पंडोह के पास गिरे मलबे या फिर डंगा लगाने को लेकर एनएचएआई की तरफ से कोई भी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। जब दिशा-निर्देश मिलेंगे तो उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-राज शेखर, प्रोजेक्ट मैनेजर, केएमसी कंपनी