मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में स्क्रब टायफस के मामलों में गिरावट आई है। तीन माह तक लगातार बरसात के चलते क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में स्क्रब टायफस के 15 मामले दर्ज हुए थे।
अब एमसीएच और महिला मेडिसिन वार्ड में कुल दो लोग उपचाराधीन है। एमसीएच में सराज घाटी के पांदनी खोलानाल और महिला मेडिसिन वार्ड में सदर क्षेत्र के कोटमाेर्स से एक महिला मरीज उपचार ले रही हैं। हालांकि मौसम में अचानक से बदलाव आने और ठंड बढ़ने से अभी क्षेत्रीय अस्पताल के एमसीएच, महिला और पुरुष मेडिसिन वार्डों में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी व जुकाम से ग्रस्त मरीजों में वृद्धि हुई है।
विशेष कर बच्चों में खांसी, छाती जाम, बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही है। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दुष्यंत के अनुसार ठंड बढ़ने से मौसम में बदलाव हुआ है। रोजाना करीब 40 से 50 मरीज वायरल फीवर, सर्दी, खांसी से पीड़ित सामान्य ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकांश को दवाई लिखने पर घर भेजा जा रहा। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
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स्क्रब टायफस घास कटाई के दौरान विषाणु के काटने से होता है। इसके बचाव को लेकर विभाग ने ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य कर्मचारियों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर की मदद से लोगों को जागरूक किया है। मौसम के बदलाव से वायरल फीवर बढ़ना स्वभाविक है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी