शिकारी देवी व आसपास के पर्यटन स्थलों में पहुंचे पर्यटक
कमरुनाग, शिकारी देवी, देवी दहड़ समेत आसपास के पर्यटन स्थलों में लौटी रौनक
सतीश ठाकुर
गोहर। देशी-विदेशी पर्यटक देवभूमि की प्रकृति के कायल हो रहे हैं। जिले की कमरुघाटी और सराजघाटी के पर्यटक मुरीद हो रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों से सराजघाटी और कमरुघाटी में पर्यटन कारोबार ने गति पकड़ी है। सराज में कांढा से जंजैहली और लम्बाथाच से लेकर बागाचनोगी तक पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी हुई है। लोग भी पर्यटन को अब इन हसीन वादियों का भविष्य मानने लगे हैं। चैलचौक से जंजैहली और सरोआ तक होटल, रेस्तरां, गेस्ट हाउस और होमस्टे की बाढ़ आ गई है। यहां पर्यटक खींचे चले आ रहे हैं। देवीदहड़ भी पर्यटकों की शरण स्थली बन रहा है। सरोआ जालपा मंदिर, रोहांडा और सराज के कई दार्शनिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। गर्मी में क्षेत्र की पहाड़ियों की प्राकृतिक छटा को देखने स्थानीय पर्यटक आने लगे हैं। शिकारी देवी और कमरुनाग में मई और जून माह में भारी तादाद में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटन सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। कमरुघाटी और सराज घाटी में होटल कारोबारियों ने सीजन की तैयारी शुरू कर दी है।
एसडीएम थुनाग पारस अग्रवाल ने बताया कि शिकारी देवी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए प्रशासन ने तैयारी कर दी है। उधर देवीदहड़ होकर शिकारी देवी तक सड़क पहुंचने से ज्यूंनी घाटी होकर पर्यटक देवीदहड़ के साथ शिकारी देवी के दर्शन कर रहे है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।