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Mandi News: ट्राला खाई में गिरने से पहले संतोष ने भतीजे को उतार दिया था नीचे

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असुरक्षित घोषित सड़क पर जेसीबी मशीन से लदा ट्राला कैसे चला गया, उठ रहे सवाल
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एक साल से सुरक्षा के लिहाज से सड़क पर बसें बंद थीं
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। बगस्याड–शिकाबरी रोड पर कांढी मोड़ के समीप शुक्रवार देर रात सड़क हादसे ने लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपदा के बाद से बदहाल और असुरक्षित घोषित की जा चुकी इस सड़क पर भारी-भरकम जेसीबी मशीन से लदा ट्राला भेजे जाने की कथित लापरवाही के चलते सरकाघाट के 38 वर्षीय चालक संतोष कुमार की जान चली गई।


जानकारी के अनुसार नेरचौक के एक ठेकेदार की जेसीबी मशीन को थुनाग में लोड किया गया था। रात करीब 10:30 बजे कांढी मोड़ के पास नाले के समीप चालक संतोष कुमार ने खतरे को भांपते हुए अपने भतीजे साहिल को नीचे उतरकर सड़क की स्थिति देखने के लिए कहा। साहिल जैसे ही नीचे उतरा, उसी समय मिट्टी धंस गई और ट्राला जेसीबी सहित गहरी खाई में जा गिरा।
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स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले एक वर्ष से इस सड़क पर सुरक्षा कारणों से बसों का संचालन बंद है और केवल छोटी गाड़ियां ही गुजर रही थीं। लीला राम, संदीप राज सहित स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया है कि क्या विभाग को इस वाहन की आवाजाही की जानकारी थी। यदि सड़क इतनी खतरनाक थी तो यहां चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई।
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हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार को बाहर निकालकर बगस्याड अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सहायक अधिशासी अभियंता (बगस्याड) योगेश ठाकुर ने बताया कि आपदा के बाद से यह क्षतिग्रस्त सड़क अब तक क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं कर सकी है। वहीं डीएसपी करसोग चांद किशोर ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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