देसी घी में दूसरे तेल की मिलावट की आशंका, दूध-पनीर में भी कम निकला फैट
दाख का सैंपल निकला मिसब्रांडेड और सबस्टैंडर्ड
डिजिटल पर न चलाएं...
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से करवाई गई लैब जांच में बल्हघाटी से लिए गए चार खाद्य पदार्थों के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें देसी घी, दाख, दूध और पनीर के सैंपल शामिल हैं। देसी घी के सैंपल में वीआर रीडिंग निर्धारित मानक से अधिक पाई गई, जिससे दूसरे तेल की मिलावट की आशंका है। विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
दाख का सैंपल मिसब्रांडेड और सबस्टैंडर्ड पाया गया। इसमें डैमेज दाख की प्रतिशतता भी निर्धारित सीमा से अधिक थी। बंद पैकेट पर उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी भी अंकित नहीं थी।
दूध और पनीर के सैंपल में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम मिली। विभाग अब संबंधित विक्रेताओं या खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगा।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया कि बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए लगातार सैंपलिंग की जा रही है। दूध, पनीर, घी, तेल समेत दैनिक उपभोग की वस्तुओं के सैंपल प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं, ताकि मिलावट और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
बॉक्स
मंडी से नगवाईं तक सात और कोटली में भरे 11 सैंपल
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने मंडी से नगवाईं तक सात सैंपल लिए हैं। इनमें पनीर के चार, शक्कर, दूध और देसी घी का एक-एक सैंपल शामिल है। सभी सैंपल जांच के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी। कोटली क्षेत्र में भी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए 11 सैंपल लिए गए हैं। इनमें फूड सप्लीमेंट के चार, पनीर के दो, चीनी, सरसों तेल, बिस्कुट और ग्लूकोज के एक-एक सैंपल शामिल हैं। सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं।