त्योहारी सीजन के दौरान जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) द्वारा औट से भरे गए ड्राई फ्रूट्स लैब रिपोर्ट में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट में दोनों सैंपल सब स्टैंडर्ड व मिस ब्रांडेड पाए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद एफएसओ आगामी विभागीय कार्रवाई में जुट गए हैं।
त्योहारी सीजन के दौरान एफएसओ भविता टंडन ने जिला भर में विशेष अभियान के तहत औचक निरीक्षण कर दुकानों में बिक रही खाद्य सामग्रियों का जायजा लिया था। इस दौरान औट में एफएसओ ने निरीक्षण कर शक के आधार पर ड्राई फ्रूट के दो सैंपल भरे थे। जिन्हें जांच के लिए कंडाघाट फूड टेस्टिंग लैब भेजा गया था।
लैब में जांच के बाद रिपोर्ट एफएसओ को भेजी गई है। अब एफएसओ की ओर से दुकानदार को नोटिस भेजने की प्रक्रिया अमल पर लाई जा रही है। विभिन्न औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद मामला एडीएम कोर्ट में दायर किया जाएगा। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत सब स्टैंडर्ड खाद्य सामग्री बेचने पर पांच लाख और मिस ब्रांडेड खाद्य सामग्री बेचने पर तीन लाख रुपये का प्रावधान है।
एडीएम कोर्ट में अभियोग साबित होने पर दुकानदारों को जुर्माना हो सकता है। इधर, एफएसओ भविता टंडन ने बताया कि लैब रिपोर्ट में औट से भरे दो ड्राई फ्रूट्स के सैंपल फेल पाए गए हैं। विभागीय कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। सभी प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मामला कोर्ट में दायर किया जाएगा।
दोनों फेल हुए ड्राई फ्रूट्स के सैंपल एफएसओ ने औट में एक दुकान से भरे थे। एडीएम कोर्ट में अभियोग साबित होने पर एफएसएसए एक्ट के प्रावधानों के अनुसार दोनों मामलों में करीब 16 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।