फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: फूलों से आजीविका कमा रहा सहारनपुर का अहसान

विज्ञापन
मंडी शहर के गांधी चौक के पास फूलों की नर्सरी सजाए हुए सहारपुर निवासी अहसान। संवाद
विज्ञापन
मंडी। रोजगार की तलाश में अपने भाई के साथ फूलों की नर्सरी कारोबार करने मंडी पहुंचे सहारनपुर निवासी अहसान ने अब इसे स्वरोजगार के रूप में अपना लिया है।
विज्ञापन

शहर के गांधी चौक के समीप पिपलेश्वर थड़ा पर 20 वर्षों से वह फूलों का कारोबार कर अपना व परिवार का पालन पोषण कर रहा है। नर्सरी के लिए वह कोलकाता, देहरादून, बंगलूरू से विभिन्न प्रकार के फूलों की खरीद करते हैं। अहसान का कहना है कि फूलाें की खेती हर मौसम में की जा सकती है।
उचित देखभाल, खाद और पानी मिलने पर फूल हर मौसम में खिलते हैं। 20 साल पहले बड़े भाई के साथ फूलों की नर्सरी कारोबार के लिए मंडी आए थे। यहां के लोगों में फूलों के प्रति प्रेम व आकर्षण होने से कारोबार भी अच्छा चल रहा है। भाई से ही फूलों की जानकारी व प्रशिक्षण लेने के बाद स्वयं का कारोबार शुरू किया। बड़ा भाई अब जिला सोलन में अपना नर्सरी कारोबार करता है। नर्सरी के लिए कोलकाता, बंगलूरू और देहरादून से गुलाब, पिटूनिया, पाम, एरोकेरिया, क्रोटन फूलों की प्रजातियां मंगवा कर बेचते हैं।
विज्ञापन

गुलाब का एक पौधा फूलदान सहित मात्र 150 रुपये में बेचते हैं, जबकि पिटूनिया, गेंदा प्रजाति को 50-50 रुपये, पाम, एरोकेरिया व क्रोटन प्रजाति के पौधों को 120 से 250 रुपये तक बेच रहे हैं।
विज्ञापन

इस कारोबार से वह प्रति माह 15 से 20 हजार की आय अर्जित कर लेते हैं। वह इसे और आकर्षक बनाने में प्रयासरत रहते हैं। फूलों को जिंदा रखने के लिए गोबर खाद, समय पर पानी और उचित देख भाल करनी पड़ती है। अभी उनकी नर्सरी में गुलाब, निटोनिया, गेंदा, बिल्व पत्र, नीम सहित अन्य प्रजातियों के फूल पौधे मौजूद हैं। सात भाई-बहनों के परिवार में हम दो भाई ही नर्सरी कारोबार से जुड़े हैं। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें