मंडी। 50 साल पहले 1974 में हिमाचल सरकार ट्रांसपोर्ट (एचजीटी) और मंडी-कुल्लू रोड ट्रांसपोर्ट को मिलाकर बनाई हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने बुधवार को अपना स्वर्ण जयंती समारोह मनाया। मंडी बस अड्डे पर एचआरटीसी से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने इस मौके पर सवारियों को हलवा बांटा। साथ ही स्थापना दिवस के बाद एचआरटीसी में आए बदलाव को भी उन्होंने शेयर किया।
कर्मचारियों ने बताया कि एक समय था जब कुल्लू और मंडी जाने वाली सड़क पर एक टायर रोड से बाहर रहता था। अधिकतर सड़कें कच्ची थीं, लेकिन फिर भी एचआरटीसी की बसें दौड़ा करती थीं। इस दौरान एचआरटीसी के सेवानिवृत्त अधीक्षक रोशन लाल कटोच ने बताया कि पिछले 50 वर्षों में सड़कों के साथ निगम की बसों में भी इजाफा हुआ है। सेवानिवृत्त ट्रैफिक मैनेजर केडी अवस्थी ने कहा कि 29 साल पहले 1995 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र ने निगम के कर्मियों को पेंशन की व्यवस्था करवाई थी। आज 50 साल बाद स्वर्ण जयंती के मौके पर सरकार से मांग है कि सरकार इसे अपने अधीन ले। एचआरटीसी को फिर से एचजीटी में बदलकर हिमाचल रोडवेज बनाए। इससे पहले बस अड्डे पर कर्मियों को छल्ले भी भेंट किए गए। साथ ही बसों पर ऑनलाइन टिकट भुगतान को लेकर स्टीकर लगाए गए।