मंडी। जिला के सभी नगर निकाय अधिकारी सफाई कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं। साथ ही सफाई कर्मियों को ग्लव्ज, मास्क आदि उपलब्ध करवाकर इन्हें पहनकर ही सफाई कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह निर्देश शुक्रवार को उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कल्याण विभाग के तहत आने वाली विभिन्न समितियों के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
बैठक में उपायुक्त ने अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृति योजना के लिए आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए उपनिदेशक शिक्षा को इसकी रिपोर्ट देने और योजना की जानकारी पात्रों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि जिला में 13,993 पुराने दिव्यांगता प्रमाण पत्रों में से 12,195 के यूडीआईडी कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं, जबकि 10,573 नए आवेदनों में से 5226 के यूडीआईडी कार्ड जनरेट हुए हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड जनरेट करने के कार्य को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को दिव्यांगों की दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए पुनः दिव्यांगता अवलोकन कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 सीमित संरक्षकता की जानकारी दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की गहनता से छानबीन की जा रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित जिला मंडी की स्थानीय समिति, 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समिति, मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला ढोना) एक्ट 2013 और दिव्यांगता अधिकार अधिनियम 2015 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति के कार्यों की समीक्षा की।
बैठक का संचालन जिला कल्याण अधिकारी समीर ने किया। इस दौरान जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज, जिला विकास अधिकारी डीआरडीए गोपी चंद पाठक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ धर्म सिंह वर्मा, जिला प्रबंधक एससी/एसटी विकास निगम नीलम कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।