मंडी। बारिश के अभाव में सूखे की मार झेल रहे जिले के किसानों के लिए दो दिन से हो रही झमाझम बारिश राहत बनकर बरसी है।
अपर बल्ह, नाचन और सराज के सिंचाई सुविधा से वंचित क्षेत्रों में धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और फसल कमजोर हो रही थी। बारिश से अब खेतों को पर्याप्त नमी मिलने से धान की फसल को संजीवनी मिली है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान में दाने की सेटिंग, गर्भाधान और दाना भरने का यह संवेदनशील समय है। पर्याप्त नमी मिलने से दाने के भराव और फसल की पैदावार को फायदा होगा। बारिश से मटर, लहसुन और सब्जियों जैसी नगदी फसलों को भी लाभ मिलेगा।
साथ ही रबी फसलों की बिजाई के लिए खेतों में नमी तैयार हो गई है। कृषि उपनिदेशक मंडी डॉ. रामचंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश धान समेत अन्य फसलों के लिए लाभदायक है। नमी की कमी से जिन क्षेत्रों में पौधों की वृद्धि रुक गई थी, वहां अब दाने का भराव बेहतर होगा।
हमारे क्षेत्र में सिंचाई का साधन नहीं है और हम बारिश पर निर्भर हैं। फसल सूख रही थी, लेकिन दो दिन की बारिश ने चिंता दूर कर दी है। अब फसल की सेटिंग अच्छी होगी। -राम कृष्ण, नलसर
कड़ी मेहनत के बाद पानी न मिलने से खेत सूख रहे थे। बारिश ने पौधों में नई जान फूंक दी है। अब दाना मजबूत और भरपूर बनेगा। -तेज सिंह, बाल्ट