समय सुबह 6 बजे। एसडीएम गोहर राघव शर्मा को सूचन मिली कि शहीद भूपेंद्र का पार्थिव शरीर 8 बजे सुंदरनगर पहुंचेगा। एसडीएम राघव शर्मा ने तुरंत पंचायत प्रधान मौवीसेरी को सूचना दी। पिपलु गांव में एसडीएम 8.30 बजे शहीद भूपेंद्र के पार्थिव शरीर को सलामी दी। उसके बाद 8.43 बजे चैलचौक में व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पुष्प अर्पित किए। उसके बाद चैलचौक से शहीद भूपेंद्र का पार्थिव शरीर एंबुलेंस में मौवीसेरी के लिए हुआ।
नौ बजे अमर रहे नारों के साथ शहीद भूपेंद्र का पार्थिव शव घर पहुंचा। परिजनों के रोते बिलखने की चीखों से पूरे गांव में मातम छा गया। पिता गौरी शंकर कमर पकड़कर फूट फूट कर रोते रहे। सैनिकों के कंधे से तिरंगे पर लिपटा शहीद भूपेंद्र का पार्थिव शरीर जैसे ही उतार कर नीचे रखा तो शहीद की पत्नी नीतू बहादुरी का परिचय देते हुए भारत माता की जय के नारे लगाती रही जिसे देख सबकी आंखे भर आई।
इस दौरान हजारों लोगों ने शहीद भूपेंद्र के अंतिम दर्शन किए। मां नागण बस रोती रही कि बेटा भिंद्रू मुझे भी साथ ले चल। वहां मौजूद हर किसी की आंखे छलक पड़ी। शहीद भूपेंद्र सिंह के पार्थिक शव के परिजनों को दर्शन करवाने के बाद 11.20 बजे अंतिम यात्रा श्मशानघाट के लिए रवाना हुई। इस बीच हजारों की संख्या में लोग शव यात्रा में शामिल हुए। भूपेंद्र अमर रहे के नारों से पूरा सेगलागलू गांव गूंज उठा।
श्मशानघाट में सेना के जवानों ने हवाई फायरिंग कर शहीद को सलामी दी। शहीद भूपेंद्र के बेटे हिमांशु ने चिता को मुखाग्नि दी। पत्नी नीतू ने भी श्मशानघाट पहुंच कर शहीद पति को सलामी दी। इस अवसर पर सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक जयराम, विधायक विनोद कुमार, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा अजय राणा आदि नेताओं ने शहीद भूपेंद्र को श्रद्धांजलि दी।