मांगों को मनवाने के लिए टिहरा में चल रहे किसान सभा के आमरण अनशन को समाप्त करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचने से बुधवार को माहौल तनावपूर्ण रहा। किसान सभा के समर्थन में तनिहार, टिहरा, कोट, डरवाड़, सज्याओपिपलू, ग्रयोह, चोलथरा पंचायतों की सैकड़ों महिलाओं ने आमरण अनशन पर बैठे लोगों को जबरन उठाने का विरोध किया।
व्यापारियों ने भी दोपहर बाद टिहरा बाजार बंद रखा। माहौल तनावपूर्ण होने पर एसडीएम धर्मपुर किशोरी लाल और डीएसपी सरकाघाट मदन धीमान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आमरण अनशन को समाप्त करने के लिए पंडोह से भी अतिरिक्त पुलिस मौके पर बुलाया है। जिससे तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
किसान सभा खंड धर्मपुर ने टिहरा को संधोल में न मिलाने व पीएचसी का दर्जा बढ़ाने, सार्वजनिक शौचालय बनाने और टिहरा को उप तहसील का दर्जा देने आदि मांगों को लेकर क्रमिक अनशन के बाद आमरण अनशन शुरू किया। तीसरे दिन बुधवार को पुलिस बल ने जबरन आमरण अनशन पर बैठे लोगों को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अनशन पर बैठे और लोगों ने कहा कि तब तक वहां यहां नहीं जाएंगे जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार टिहरा प्रवीण अत्री तथा एसएचओ सरकाघाट संदीप कुमार को आमरण अनशन पर बैठे भूपेंद्र सिंह पठानिया, मोहन लाल, अनिल कुमार, अरूण अत्री व अजय सकलानी को उठाने का प्रयास किया। इसका महिलाओं ने विरोध किया। नायब तहसीलदार टिहरा प्रवीण अत्री ने कहा कि अनशनकारियों को सकारात्मक तरीके से अनशन खत्म करने की अपील की गई, लेकिन अनशन पर बैठे लोगों ने बात नहीं मानी।
किसान सभा के खंड अध्यक्ष एवं जिला परिषद भूपेंद्र सिंह पठानिया ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर पिछले 64 दिनों से कोई गौर नहीं कर रही है। सरकार उन्हें प्रशासनिक दबाव बनाकर जबरदस्ती उठाने की कोशिश कर रही है। किसान सभा ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि जब तब मांगें नहीं मानी जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 27 मई को टिहरा में घेरा डालों आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर रणताज राणा, रामचंद, करतार सिंह, रूपचंद, मेहर सिंह, रणवीर, डा. चेतराम, परमानंद, इंद्र सिंह, मुनीश शर्मा, निर्मला चौहान आदि मौजूद थे।