मंडी में अनशन के दौरान नारेबाजी करते रेहड़ी-फड़ी धारक।
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मंडी। सीटू से संबंधित रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने मंगलवार को मंडी शहर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रेहड़ी-फड़ी यूनियन के सदस्यों ने 24 घंटे का क्रमिक अनशन शुरू किया। यूनियन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन और नगर परिषद को एक दिन का अल्टीमेटम दिया थाी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
यूनियन ने सोमवार को ज्ञापन सौंपकर रेहड़ी-फड़ी धारकों की समस्याओं का हल करने की मांग उठाई थी। यूनियन ने स्ट्रीट वेंडर्ज एक्ट लागू करने, स्कूल बाजार से सेरी चाननी पर शिफ्ट किए गए 40 रेहड़ी-फड़ी धारकों को दूसरे स्थान पर जगह देने, पोस्ट ऑफिस और स्टेट बैंक के बाहर रेहड़ी-फड़ी धारकों को न हटाने, स्ट्रीट वेंडर्ज कानून के तहत शहर में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर सभी रेहड़ी-फड़ी धारकों को फोटो युक्त पहचान पत्र जारी करने, सर्वे के आधार पर मंडी शहर में वेंडिंग और नो वेंडिंग क्षेत्र निर्धारित करने, इंदिरा मार्केट की छत पर स्थान देने और जब तक टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक नहीं होती, किसी का स्थान न बदलने की मांग उठाई। जिसको लेकर यूनियन ने भूख हड़ताल शुरू की है। यूनियन पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई है। पहले दिन हड़ताल पर राकेश कुमार, सुरेंद्र पाल, बलवंत, राजकुमार और रमेश कुमार बैठे।
समर्थन में उतरा विक्रेता संघ
रेहड़ी-फड़ी विक्रेता संघ भी रेहड़ी-फड़ी यूनियन के समर्थन में उतरा है। संघ के सभी सदस्यों ने भी मंगलवार को रेहड़ी-फड़ियां बंद रखीं। संघ के प्रधान सुंदर लाल ने कहा कि चाननी पार्किंग में रेहड़ी-फड़ी धारकों को काम पूरी तरह ठप है जिसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले तीन महीनों से चाननी पार्किंग के रेहड़ी-फड़ी धारकों को परिवार का पालन करना मुश्किल हो गया है। अगर प्रशासन और नगर परिषद रेहड़ी-फड़ी धारकों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करता है तो विक्रेता संघ भी उग्र आंदोलन शुरू करेगा।