जंजैहली में किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के अधिवेशन में उठाया मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश किसान सभा और सेब उत्पादक संघ का संयुक्त अधिवेशन शनिवार को जंजैहली समिति हॉल में हुआ। अधिवेशन का उद्घाटन किसान सभा के पूर्व राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने किया। उन्होंने कहा कि सराज क्षेत्र में सैकड़ों लोग बेघर हो गए, उनकी जमीनें बह गईं, लेकिन सरकार और प्रशासन किसानों और बागवानों के पुनर्वास में गंभीर नहीं है।
कहा कि हिमाचल में 66 फीसदी वन भूमि और मात्र 11 फीसदी कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) 1980 में तत्काल संशोधन करना चाहिए। बिना जमीन के पुनर्वास असंभव है।
राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा ने कहा कि आपदा में अराजकता के कारण राहत सामग्री गरीबों तक नहीं पहुंची। भाजपा ने राहत को हाईजैक कर अपने चहेतों को बांटा। आपदा के 26 दिन बाद भी नुकसान का आकलन नहीं हुआ। किसानों का कर्ज माफ, फसलों का मुआवजा और जमीन-मकान की व्यवस्था जरूरी है। अधिवेशन में 29 जुलाई को शिमला सचिवालय घेराव और 5 अगस्त को जंजैहली में रैली का निर्णय लिया गया। इसमें एफसीए संशोधन की मांग को प्रमुखता दी जाएगी। अधिवेशन को नरेंद्र रेड्डी, चेतन कुमार, बिहारी लाल, चंद्र कुमार और कृष्ण कुमार ने भी संबोधित किया। संवाद