मंडियों में सेब की एकाएक डिमांड बढ़ने से बागवान खुश हैं। व्यापारी और आढ़ती भी इस बार सेब का कारोबार अच्छा होने से गदगद हैं। देश की अंतरराष्ट्रीय फल मंडी आजादपुर दिल्ली में सेब की 20 किलो की पेटी 1300 रुपये से 1500 रुपये और 10 किलो का डिब्बा 700 से 900 रुपये तक बिक रहा है। इस कारण बागवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
इस बार जिला में कम फसल होने के बावजूद सेब के उम्दा दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। रोजाना सेब से लदे ट्रक पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली जा रहे हैं। कमरूघाटी, करसोग और जंजैहली वैली में सेब सीजन यौवन पर है। अधिकतर बागवानों ने बगीचों में सेब तुड़ान को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार मंडी जिला में सेब का उत्पादन 50 फीसदी से कम है तथा कम फसल के कारण जहां सेब की गुणवत्ता और आकार बढ़िया निकला है। वहीं, मंडियों में भी सेब के दामों में उछाल आने से इस बार सेब कारोबार चमक रहा है। सराज सेब उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि जंजैहली घाटी में सेब की बेहद कम फसल है। मगर जहां फसल है वहां बागवानों की चांदी हुई है। नाचन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के उप प्रधान पीएस ठाकुर ने बताया कि कमरूघाटी में सेब सीजन यौवन पर है। उन्होंने बताया कि बागवानों को मंडियों में सेब के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
सेब बागवान ठाकुर दास, तपेंद्र कुमार, संजय ठाकुर, देवेंद्र ठाकुर, राजेश कुमार, राजकुमार, दीवान चंद, दीनानाथ, हंसराज ठाकुर और चंद्रमणी ने बताया कि उन्हें मंडियों में सेब के उम्दा दाम मिल रहे हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक विनोद धीमान ने बताया कि मंडी जिला में सेब सीजन यौवन पर है तथा बागवानों को सेब के बढ़िया दाम मिल रहे हैं। बागवानी विशेषज्ञ डा. एसपी भारद्वाज ने बताया कि सेब बागवान तुड़ान के बाद बागवानी विभाग की छिड़काव सारिणी के अनुसार तय दवाओं की स्प्रे जरूर करें।