कॉलेज की छात्रा से दुराचार के आरोपी को अदालत ने दस साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी के जुर्माना राशि समय पर अदा न करने की सूरत में दो साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (दो) कृष्ण कुमार के न्यायालय ने मंडी जिला की चच्योट तहसील के शाला गांव निवासी संदीप कुमार पुत्र राजेंद्र कुमार के खिलाफ भादंस की धारा 376 के तहत दुराचार का अभियोग साबित होने पर उसे उक्त सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ आकर गोहर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी कि वह बासा कॉलेज में बीएससी-द्वितिय वर्ष की छात्रा है। वह 25 जुलाई 2013 को कालेज में गई हुई थी इसी दौरान आरोपी ने उसे कालेज परिसर में रोक कर बात करनी चाहिए, लेकिन वह सीधे क्लास में चली गई। इसके बाद वह पीछे से आया और उसकी गले के लोकेट की चेन तोड़ दी। इतना ही नहीं आरोपी उसकी क्लास में आ गया और कहने लगा कि लड़कों से बात क्यों करती है और कंडक्टर की सीट पर क्यों बैठती है। पीड़िता ने उसे जवाब दिया कि तुम्हें इससे क्या लेना देना है। इस पर आरोपी ने पीड़िता को क्लास में ही थप्पड़ मार दिया और वहां से चला गया। कॉलेज से छुट्टी के बाद जब पीड़िता बस से उतरकर जंगल और नाले के रास्ते घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में छिपे आरोपी ने उसे पकड़ कर उससे जबरन दुराचार किया। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को इस घटना के बारे में बताया। पीड़िता और परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए लोक अभियोजक कुलभूषण गौतम ने 30 गवाहों के माध्यम से आरोपी पर अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ दुराचार का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।