हमीरपुर। दीवाली का सीजन है और बाजारों में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की खरीदारी बढ़ रही है। ऐसे में खरीदारी में जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। हमीरपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में नामी कंपनी का पैकेटबंद पनीर, रसगुल्ले और मिल्क केक गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। वहीं, सलौणी बाजार में बिक रहे सरसों का तेल भी मिस ब्रांडेड पाया गया है। विभाग की जांच में चारों नमूने फेल हुए हैं। ये नमूने करीब एक माह पहले लिए गए थे। विभाग ने संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जवाब मांगा है।
बिझड़ी बाजार में बिकने वाला नामी कंपनी का पैकेटबंद पनीर जांच में घटिया गुणवत्ता का पाया गया। यह पनीर मंडी जिले से सप्लाई किया गया था। जांच में इसकी वसा की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। वहीं, हमीरपुर शहर में तैयार कर बेचे जा रहे रसगुल्लों के नमूने में भी वसा की मात्रा मानकों से अधिक पाई गई। मिल्क केक भी जांच में सही नहीं पाया गया है। उधर, सलौणी बाजार में बिक रहे सरसों तेल के पैकेट पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी। इस कारण इसे मिस ब्रांडेड की श्रेणी में रखा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हमीरपुर डॉ. अभिषेक ठाकुर की अगुवाई में यह सैंपल जांच के लिए पिछले माह लिए गए थे।
खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित तौर पर बाजारों में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेता है लेकिन इन सैंपलों की रिपोर्ट तय व्यवस्था के तहत लगभग एक माह बाद आती है। विभाग की टीम को निरीक्षण में कुछ खराब लगता है तो उस खाद्य सामग्री को तुरंत नष्ट कर दिया जाता है लेकिन कुछ मिठाइयां अथवा खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता लैब के जरिये ही जांची जा सकती है। ऐसे में खरीदारी के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है ताकि उपभोक्ता घटिया अथवा नकली पनीर और मिठाइयों के उपभोग से बच सकें।
ये सावधानी जरूरत बरतें
पैकेटबंद पनीर और अन्य उत्पाद खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, पैकेट की सील और लेबल जरूर जांचें। मिठाइयां खरीदते समय उनकी ताजगी, रंग, गंध और साफ-सफाई का ध्यान रखें। खुले में रखी मिठाइयों से बचें, खासकर ऐसी दुकानों पर जहां स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जा रहा हो। बिल जरूर लें, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर शिकायत होने पर दुकानदार और उत्पाद की पहचान की जा सके।
संबंधित कारोबारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। एक माह के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। -महेश कश्यप, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग