जोनल अस्पताल में एमएस कार्यालय भवन में स्थापित पीसीआर लैब की छत से टक रहे पानी को इक्कठा करने क
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के बहुमंजिला भवनों का उचित रखरखाव न होने से यह जर्जर होने लगे हैं। शौचालयों और छतों से पटक रहा पानी भवनों की दीवारों, छतों और फर्श को खराब कर रहा है। शौचालयों से पानी का रिसाव होने से अस्पताल के अधिकांश वार्डों में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
अस्पताल के एमएस कार्यालय भवन में स्थापित पीसीआर लैब और धरातल पर बने पुराने वार्डों में पानी के रिसाव होने से दीवारों का प्लास्टर गिरने लगा है। इसके साथ ही अंदर रखा सामान खराब हो रहा है। पीसीआर लैब में तो स्थिति यह है कि यहां छत से टपक रहे पानी को इक्कठा करने के लिए नीचे बाल्टियां रखी है, जिनके भरने पर उन्हें शौचालयों में फेंका जा रहा है।
अस्पताल के नवनिर्मित ऑर्थो और सर्जिकल वार्डों में भी शौचालयों की छत्त से लीकेज हो रही है। इससे मरीजों और तीमादारों को असुविधा हो रही है। नव निर्मित एमसीएच भवन की बात करें तो यहां पर भी पानी के रिसाव से दीवारों से प्लास्टर उखड़ने लगा है, वार्डों में भी रिसाव हो रहा है। यही नहीं अस्पताल परिसर में खाद्य सुरक्षा विभाग, नर्सिंग स्कूल व सेवा भारती भवनों में पानी की अत्याधिक निकासी व लीकेज के चलते सभी भवन जर्जर हालत में हो गए हैं। हर समय यहां हादसों का अंदेशा बना हुआ है।
उधर, अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा से संपर्क करने का प्रयास गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल पाया।
जोनल अस्पताल में एमएस कार्यालय भवन में स्थापित पीसीआर लैब की छत से टक रहे पानी को इक्कठा करने क