बल्ह में तूफान से प्रभावित गेहूं की फसल।
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मंडी। जिले के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की दिक्कतों को बढ़ा दिया है। जिले के बल्ह, सरकाघाट, धर्मपुर, सरकाघाट, सुंदरनगर, थुनाग में शनिवार रात को आए अंधड़ ने गेहूं की फसल पर कहर बरपाया है। इसके अलावा ओलावृष्टि से ऊपरी क्षेत्रों में मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। सेब सेटिंग भी ओलावृष्टि से बिगड़ गई है। जिससे बागवानों को चपत लगी है। जिले में तापमान में एकाएक गिरावट से गेहूं की फसल खेतों में ही सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। जिले के अधिकतर क्षेत्रों में किसानों की गेहूं की फसल मौसम की मार से बर्बाद होने की कगार पर है।
जिला की सराजघाटी के थुनाग, माहाधार, जुड़, सुरागी, लंबाथाच सहित आसपास के गांव में शनिवार देर शाम बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई है। वहीं, बल्ह घाटी के गागल, ढांगू, नागचला व नेरचौक के आसपास के क्षेत्र में बारिश से किसानों की खेतों में काटी गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कटाई के बाद खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग गई है। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई।
इसके अलावा बारिश व तूफान से सेब की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि अगर आगामी दिनों में मौसम फिर से खराब होता है तो भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा बारिश के चलते गर्मी का पारा भी लुढ़क गया है। दो दिन में मंडी जिला में पार 33-35 डिग्री से सीधा 26 तक लुढ़क गया है। बल्ह घाटी के किसान रामचंद्र, लेखराज,नरेंद्र सिंह, सुभाष, हरीश, सुभाष, सुरेंद्र, जयराम, राजकुमार ने कहा कि गेहू की फसल खेतों मेंं ही सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अंधड़ से खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है। जिससे किसानों को फसल काटने में दिक्कतें पेश आ रही है। यदि जल्द ही मौसम में सुधार न हुआ तो उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। वहीं, सरकाघाट, सुंदगरनर, धर्मपुर, जोगिंद्रनगर, सहित अन्य क्षेत्रों में गेंहू की फसल बर्बाद होने की कगार पर है।