बारिश से एनएच चंडीगढ़-मनाली पर भूस्खलन का खतरा, जगह-जगह गिर रहे पत्थर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/ पधर(मंडी)। जिले में बारिश का कहर जारी है। इससे पूरा जिला ठंड की चपेट में है। अब इसके चलते कृषि और बागबानी को भारी नुकसान भी हो रहा है। इसके अलावा जिला में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
चंडीगढ़-मनाली एनएच पर कई स्थानों पर पत्थर गिर रहे हैं। बारिश के चलते ही सरकाघाट के पटड़ीघाट स्कूल का करीब 20 फीट रास्ता बारिश से ढह गया है। सराज और नाचन क्षेत्रों मेें सेब और मटर की फसल तबाह होने के कगार पर है। वहीं बल्ह क्षेत्र में टमाटर की फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसके अलावा गेहूं की फसल काली हो गई है। प्याज और लहसुन की फसल भी तबाह हो गई है। पधर क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की नकदी फसलों के साथ-साथ परंपरागत खेती को खासा नुकसान पहुंचा है। खेतों में पक चुकी गंदम की फसल सड़ने के कगार पर है।
पधर क्षेत्र की कई पंचायतों में किसानों ने हाइब्रिड प्याज की खेती की है। सिंचाई युक्त भूमि में की गई प्याज की खेती को लेकर किसानों में बंपर पैदावार होने की उम्मीद जगी। किसान यूनियन द्रंग के नेता लाभ सिंह ठाकुर, आलम सिंह, दीना नाथ, तुलसी राम, फते चंद, दुनी चंद, धर्म सिंह, कर्म चंद, प्यार चंद, दौलत राम, भीम सिंह, मान सिंह ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष मौसम की मार किसानों की मेहनत पर भारी पड़ी है।
हटली क्षेत्र में काली पड़ी गेहूं की फसल
बलद्वाड़ा (मंडी)। हटली इलाके में खेतों में गेहूं की फसल काली पड़ गई है। वहीं लहसुन, प्याज भी बर्बाद हो गया है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम का मिजाज इस तरह से रहा तो गेहूं दोबारा से खेतों में ही अंकुरित हो जाएगी। राष्ट्रीय किसान संगठन बलद्वाड़ा के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, किसान अमर सिंह, हेमराज ने बताया कि मौसम के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रदेश सरकार किसानों की मदद करे।