मंडी। जिले में बारिश के चलते सड़क, बिजली, पानी और यातायात प्रभावित हो गया है। कई इलाकों का संपर्क कट गया है। ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई है। यातायात ठप है। पिछले 24 घंटों के दौरान मंडी और बल्ह में 151.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। सुबह 11 बजे तक जिले में मंडी-कुल्लू राजमार्ग समेत 331 सड़कें बाधित हो गईं। 657 विद्युत ट्रांसफार्मर और 86 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं। 46 बसें विभिन्न जगह फंस गईं।
सराज, करसोग और धर्मपुर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां सड़कें और पेयजल योजनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
किसकी क्या स्थिति
बिजली : जिले के गोहर उपमंडल में ब्लैकआउट जैसी स्थिति है। 547 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं जबकि सोमवार को 14 थे। करसोग में 50, सरकाघाट में 22, जोगिंद्रनगर में 20, थलौट में नौ, मंडी में तीन और सुंदरनगर में एक ट्रांसफार्मर ठप है।
पानी : मंडी डिवीजन की 20 स्कीमों के अलावा जिले में 86 पेयजल स्कीमें फिर से प्रभावित हो गईं। इनमें थुनाग की 16, करसोग की 12, बग्गी की दस, पधर की 13, धर्मपुर की 12 और पधर की तीन स्कीमें शामिल हैं।
सड़क : मंगलवार को जिले में एनएच-21 मंडी-कुल्लू नौ मील के पास और धर्मपुर-मंडी एनएच-003 कैंची मोड़ के पास दोपहर तक बाधित रहा। दो हाईवे मिलाकर जिले में 183 सड़कें बाधित हो गईं। पिछले कल 148 थीं। अब आंकड़ा 331 पहुंच गया है। 122 सड़कें सराज में बाधित हुई हैं। धर्मपुर में 35, करसोग में 55, थलौट में 56, मंडी-2 में 12, पधर में 10, सरकाघाट में 12, नेरचौक में 12, गोहर में दस और सुंदरनगर में एक सड़क बंद रही।
यातायात : एचआरटीसी के मंडी डिपो की 41 बसों समेत जिले में 46 बसें विभिन्न जगह फंसी रहीं और 148 रूट प्रभावित हुए। इनमें मंडी डिपो के 78 रूट शामिल हैं। इसके अलावा सुंदरनगर की चार बसें और 43 रूट, सरकाघाट की एक बस व 11 रूट और धर्मपुर के 16 रूट प्रभावित हुए।
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जिला में भारी बारिश के चलते उत्पन्न हुई आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। बाधित हुई सड़कों, बिजली और पानी की बहाली का कार्य युद्धस्तर पर करवाया जा रहा है।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त मंडी