जोगिंद्रनगर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंची एक्जिक्यूटिव निदेशक आशिमा मेहरोत्रा के साथ रेल
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन के पहले सौ साल पुराने रेलवे स्टेशन जोगिंद्रनगर को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। भारतीय रेल मंत्रालय की एग्जीक्यूटिव निदेशक आशिमा मेहरोत्रा की एक विशेष टीम ने स्टेशन में मौजूद धरोहरों के संरक्षण और संग्रहालय को सहेजने के लिए दिलचस्पी दिखाई है।
बुधवार सुबह जोगिंद्रनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे रेल संग्रहालय के निदेशक दिनेश गोयल, उपनिदेशक रेलवे बोर्ड राजेश कुमार और रेलवे बोर्ड के इंस्पेक्टर संजीव भारत व रेलवे बोर्ड के एएसओ आकाश मोहिते की मौजूदगी में स्टेशन की हर गतिविधियों और प्राचीन धरोहर का जायजा लिया। अब भारतीय रेलवे विभाग का हेरिटेज विभाग अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपेगा।
1926 में बने रेलवे स्टेशन से पठानकोट तक एक हेरिटेज रेलगाड़ी भी दौड़ेगी। जिसमें रेलयात्री रोमांच के सफर के दौरान रेलवे का इतिहास भी देख सकेंगे। बुधवार को रेलवे स्टेशन में पहुंची विशेष हेरिटेज रेलगाड़ी में यात्रियों के लिए व्यवस्थित की गई सुविधाओं का जायजा लेकर बैजनाथ-पपरोला के लिए रवाना हुई रेलवे की एक्जीक्यूटिव निदेशक आशिमा मेहरोत्रा ने इसमें सफर कर ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक से सटी हरी भरी वादियों को भी निहारा। इस दौरान व्यापार मंडल के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता, सचिव सतवीर और रोटेरियन अजय ठाकुर ने रेलवे बोर्ड की इस पहल की सराहना करते हुए रेलवे विभाग के अधिकारियों का आभार भी जताया।