मंडी। शहर में अतिक्रमण को लेकर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। दूसरी तरफ निरंतर हो रही कार्रवाई से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर शहर के कुछ लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। चौहटा बाजार में शुक्रवार को फल विक्रेताओं के पिछले तीन महीनों में तीसरी बार चालान करने पर लोगों ने एकपक्षीय कार्रवाई के आरोप लगाए हैं।
बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि निगम गरीब लोगों पर बार-बार कार्रवाई कर रहा है, जबकि इंदिरा मार्केट, भूतनाथ गली बाजार, महाजन बाजार समेत अन्य जगह येलो लाइन के बाहर सामान रखने पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उधर, निगम का तर्क है कि जहां-जहां से लोगों की शिकायतें मिल रही हैं, वहां पर चालान किए जा रहे हैं।
निगम के अनुसार जनवरी 2024 से अब तक 45 विक्रेताओं के चालान कर 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला है। कई विक्रेताओं का सामान भी जब्त किया गया है। नगर निगम ने इंदिरा मार्केट, आईटीआई पुल के पास रेहड़ी-फड़ी, चौहटा बाजार, शिवरात्रि मेले में नियमों की अवहेलना करने पर उक्त विक्रेताओं के चालान किए गए हैं।
उधर, चौहाटा बाजार में नगर निगम की ओर से फल विक्रेताओं के जब्त सामान की शनिवार को नीलामी करवाई गई। सफाई पर्यवेक्षक सतीश गुलेरिया ने कहा कि चौहाटा में फल विक्रेता बार-बार नियमों की अवहेलना कर रहे थे। लोगों की शिकायतें भी उनके खिलाफ आईं थीं।
कोट्स
किसी के ऊपर एकपक्षीय कार्रवाई नहीं की जा रही है। जहां-जहां से लोगों की ओर से अतिक्रमण शिकायतें मिल रही हैं, उनके चालान किए जा रहे हैं। सभी विक्रेताओं से अपील है कि शहर में नियमों की अवहेलना न करें, ताकि कार्रवाई के लिए मजबूर न होना पड़े।
-वीरेंद्र भट्ट, महापौर, नगर निगम मंडी
अतिक्रमण के खिलाफ निगम की कार्रवाई सराहनीय है। मगर कभी-कभी लगता है कि यह कार्रवाई किसी मंशा से की जा रही है। चौहटा के अलावा बहुत से विक्रेता हैं, जिनका सामान सारा दिन दुकान के बाहर पड़ा रहता है। चालान और माल जब्त मात्र तीन लोगों का ही किया जाता है। पिछले हफ्ते भी तीनों के 30 हजार रुपये के चालान काटे गए थे। ऐसी कार्रवाई दूसरी जगह भी होनी चाहिए।
-हरमीत सिंह, प्रधान, नागरिक सभा मंडी
चौहटा में निगम की अतिक्रमण पर कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन ऐसी कार्रवाई भूतनाथ बाजार, चंद्रलोक गली बाजार, महाजन बाजार, इंदिरा मार्किट आदि स्थानों में कम ही देखने को मिलती है। यहां सड़कों और रास्तों से गुजरने का रास्ता भी मुश्किल से मिलता है। ऐसे में सभी के साथ एक-सा व्यवहार होना चाहिए। कार्रवाई के मामले में किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाना चाहिए।
-ओपी कपूर, प्रधान, सीनियर काउंसिल मंडी।