दिव्यांग, एससी और ओबीसी को मौका न मिलने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पंचायत चुनाव के संबंध में जारी आरक्षण रोस्टर को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में रोष देखने को मिल रहा है। हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति और अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आरोप लगाया है कि नए रोस्टर में दिव्यांगों, अनुसूचित जाति और ओबीसी वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। इस संबंध में उपायुक मंडी को ज्ञापन भेजा गया है, जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, हिमाचल विकास एवं पंचायती राज मंत्री, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग तथा राज्य चुनाव आयुक्त को भी भेजी है।
संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि समिति कई वर्षों से पंचायत चुनावों में सक्षम दिव्यांगों को प्रतिनिधित्व देने की मांग कर रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। यह भी आरोप लगाया कि उपमंडल धर्मपुर की सरी पंचायत और उपमंडल सरकाघाट की फतेहपुर पंचायत में कई वर्षों से अनुसूचित जाति के लिए सीट आरक्षित नहीं की गई है। प्रदेश में ऐसी कई पंचायतें हैं, जहां एससी वर्ग को प्रतिनिधित्व का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष और मोर्चा के मुख्य संरक्षक हरिदास कौशल, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोशन लाल, मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एनसी भारद्वाज, मुख्य सलाहकार विधि चंद कौंडल और अन्य ने अनुसूचित जाति, सक्षम दिव्यांगों व अनुसूचित वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता देने के मांग की है।