मंडी। क्यूएफएक्स कंपनी के माध्यम से फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले शातिर बेहद योजनाबद्ध तरीके से यह काला कारोबार चला रहे थे। बाकायदा निवेशकों को तरह-तरह से धनराशि निवेश का पाठ पढ़ाने के बाद उनकी धनराशि सुरक्षित होने का दावा किया जाता था। 70 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर स्टांप पेपर पर लिखकर हाई रिटर्न गारंटी का वायदा निवेशकों से किया जाता था। इसी चक्कर में हर कोई यहां निवेश करने खुद ही पहुंच जाता था। दो साल से यह खेल चलता रहा, लेकिन क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी का मामला उजागर होने के बाद इस पूरे खेल का भंडाफोड़ हुआ। बढ़ते हुए निवेशकों के बाद अन्य जगहों पर भी शातिर हाथ आजमाने की तैयारी में थे, लेकिन भंडाफोड़ हो गया और शातिर विदेश फरार हो गए। इस मामले में निवेशक को गारंटी के साथ निवेश पर रिटर्न मिलने की बात कही जाती और शुरुआती दौर में यह रिटर्न मिली भी। इसी को देखते हुए धड़ाधड़ नए लोग इस योजना से जुड़े। स्टांप पेपर लिए घूम रहे निवेशक अभी भी धनराशि को सुरक्षित मान रहे हैं, क्योंकि उनके पास खाली चेक के साथ दस्तावेज हैं। यही वजह है कि इस मामले में अधिक शिकायतें पुलिस तक नहीं पहुंची हैं।
एमएलएम यानि मल्टी लेवल मार्केटिंग के तहत पांच राज्यों में फैले इस कारोबार में कई नामी लोगों ने निवेश कर रखा था। अब मंडी पुलिस के भंडाफोड़ करने के बाद निवेशक खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। हालांकि क्रिप्टो करेंसी के नाम पर हुई ठगी मामले में शिकायतकर्ता खुलकर सामने आए और ठगी की शिकायतें दर्ज करवाते हुए बयान दर्ज करवाए, लेकिन इस मामले में ठगी के शिकार हुए लोग दबी जुबान में सब कुछ बता रहे हैं और केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की जांच करवाने की मांग कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि मंडी पुलिस यह पता लगाने में लगी हुई है कि इस मामले से जुड़े मुख्य आरोपी कब और किस तरह दुबई फरार हुए हैं। हालांकि अभी तक इमीग्रेशन विभाग की तरफ से यह पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस विदेश फरार हुए आरोपियों को दबोचने के लिए दिन रात जुटी हुई है। हालांकि शातिर विदेश में भूमिगत हो गए हैं और फिलहाल पुलिस पहुंच से दूर हैं।
बता दें कि पुलिस की जांच में इस मामले में दो साल में 210 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश होना पाया गया है। जबकि निवेशकों की संख्या करीब 16 हजार के आसपास है। ठगी की धनराशि 70 करोड़ के आसपास होने का अनुमान जताया जा रहा है। इस पूरे खेल में मंडी जिले से संबंधित लोग शामिल पाए गए हैं। हालांकि ये भूमिगत हो गए हैं।