जोगिंद्रनगर में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता कार्यालय के बाहर नारेबाजी करतेभाजपा के क
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर उपमंडल में लोक निर्माण विभाग पर 9.58 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान सरकार के समर्थन में कांग्रेस के समर्थक भी नारेबाजी करने पहुंच गए। इससे भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी में 5जी तार बिछाने के नाम पर 9.58 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया है। मंडल भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केहर सिंह और नगर परिषद जोगिंद्रनगर के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने आरोप लगाया कि इस धनराशि का भ्रष्टाचार में इस्तेमाल हुआ है।
विधायक प्रकाश राणा ने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाया था। इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने जांच का आश्वासन दिया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और मिनी सचिवालय परिसर से गांधी वाटिका तक नारेबाजी की।
वहीं, कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की नारेबाजी का विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इससे स्थिति और भी बिगड़ गई।
कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है : जेपी नायक
लोक निर्माण विभाग जोगिंद्रनगर के अधिशासी अभियंता जेपी नायक ने फर्जीवाड़े के आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। 9.58 करोड़ रुपये की धनराशि उपमंडल की विभिन्न सड़कों में 5जी तार बिछाने के लिए जमा की गई थी। उन्होंने बताया कि इसमें से 6.12 करोड़ रुपये सड़कों की मरम्मत और अन्य कार्यों पर खर्च किए गए हैं। 57.42 लाख रुपये लोक निर्माण की मशीनरी और वाहनों पर खर्च किए गए हैं। 2.89 करोड़ रुपये अभी भी विभाग के खाते में जमा हैं, जिसे भविष्य में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा प्रस्तुत अधिकांश जानकारी छिपाई गई है और विभाग की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है।