मंडी। उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ की जिला मंडी इकाई ने कानूनगो से नायब-तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए लिपकीय वर्ग का 20 प्रतिशत कोटा समाप्त कर उनका कोटा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने के अनुरोध का विरोध किया है। इसके बारे में सरकार से आग्रह किया है कि मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के लिए निर्धारित कोटे में किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। अगर सरकार इस निर्धारित कोटे के साथ कोई छेड़छाड़ करती है तो इसके लिए महासंघ को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
संघ के मंडी जिला इकाई अध्यक्ष विजय सिंह, महासचिव कुलभूषण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रिथी पाल सिंह और उपायुक्त कार्यालय इकाई के अध्यक्ष अजय गुलेरिया आदि ने बयान जारी कर कहा कि पदोन्नति कोटे में छेड़छाड़ सहन नहीं की जाएगी। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर पटवारी कानूनगो संघ की मुख्य मांगों का अवलोकन कर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित करने के लिए अतिरिक्त सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। पटवारी-कानूनगो संघ पिछले लंबे समय से प्रयास कर रहा है, परंतु किसी भी सरकार ने उनकी मांग को आज तक स्वीकार नहीं किया है। अब उनका संघ राज्य कैडर की आड़ में सरकार पर उक्त मांग को पूरा करने के लिए अनुचित दबाव बना रहा है।
उपायुक्त कार्यालय संघ के संज्ञान में आया है कि कमेटी ने उक्त कोटे के बारे में अपनी संस्तुति सहित रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ से चर्चा किए बिना ही सरकार को प्रेषित कर दी है। कमेटी ने बिना उनका पक्ष जाने अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की है, जोकि न्यायसंगत नहीं है। महासंघ का कहना है कि दो जगह पदोन्नति की प्रणाली केवल हमारे लिए ही नहीं है बल्कि इस व्यवस्था का प्रावधान प्रदेश सरकार के अधीनस्थ अन्य विभागों में भी है। संवाद