बैठक के बाद स्कूली बच्चों के साथ उतरे सड़क पर, उपायुक्त से उठाया मामला
स्कूल में 36 बच्चे कर रहे हैं पढ़ाई, लोगों ने जनप्रतिनिधियों से की सहयोग की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला मुख्यालय के भगवाहन मोहल्ले की राजकीय प्राथमिक पाठशाला को मर्ज करने के विरोध में सोमवार को स्थानीय लोगों ने बैठक कर स्कूली बच्चों के साथ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बच्चों ने स्कूल को बचाना है हमें यही पढ़ना है नारे लगाए। इस दौरान पन्ना लाल रक्षा मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश कपूर और स्थानीय निवासी गोपाल कपूर भी मौजूद रहे। बाद में उपायुक्त से भी यह मामला उठाया गया।
स्कूल करीब 56 साल पुराना है। इस स्कूल से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पत्नी स्व. प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री ने भी पढ़ाई की है। इस दौरान राजेश कपूर ने बताया कि स्कूल को भेजा गया नोटिस तर्कसंगत नहीं है। मर्ज किए जा रहे स्कूलों में पांच या इससे कम बच्चे पढ़ते हैं, जबकि राजकीय प्राथमिक पाठशाला भगवाहन में 36 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन में नोटिस के बाद दूसरे दिन बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। इससे बच्चों के अभिभावक भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल यहां से हट जाता है तो आने वाले समय में यहां से स्कूल का नामोनिशान खत्म हो जाएगा। उन्होंने सदर और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि इस अच्छे काम में स्थानीय लोगों का सहयोग करें।
बता दें कि भगवान मोहल्ला स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का संचालन देव बाला कामेश्वर के भवन में कई सालों से हो रहा है। यहां देवलु महाशिवरात्रि उत्सव के दौरान अन्य देवी-देवताओं के साथ ठहरते आए हैं। अब देवता कमेटी यहां भवन का निर्माण करना चाहती है। इसके चलते ही कमेटी की ओर से पत्राचार कर स्कूल को यहां दूसरी जगह शिफ्ट करने का आग्रह किया था। अब इस मामले में भवन का उपलब्धता का हवाला देते हुए स्कूल को मर्ज किया जा रहा है।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी विजय गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक स्कूल भगवाहन के मर्ज करने के आदेश के विरोध की जानकारी मिली है। एसएमसी के प्रस्ताव को उच्चाधिकारियों के ध्यानार्थ भेजा जाएगा।