नगर पंचायत जोगिंद्रनगर में विकास कार्यों को लेकर आरोप- प्रत्यारोप का दौर
जारी है। नपं के सात में से पांच पार्षदों ने नपं पर विकास कार्य बगैर
विश्वास में लिए ही करवाने का आरोप लगाया है। वहीं उपाध्यक्ष ने उपरोक्त
पार्षदों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। तीन कांग्रेस तथा
दो भाजपा से संबंध रखने वाले पार्षदों का कहना है कि नगर पंचायत में चल
रहे विकास कार्यों के लिए उन्हें बिल्कुल भी विश्वास में नहीं लिया जाता
है।
पांचों पार्षदों ने चेताया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर उन्हें नगर
पंचायत में हुए तमाम टेंडरों व अन्य विकास कार्यों की सूची नहीं दी गई तो
वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। नपं के पार्षद ममता कपूर, कमला देवी,
अर्जुन ठाकुर, ठाकुर दास तथा सुकन्या देवी के अनुसार वाई-फाई, सीसीटीवी
कैमरे के टेंडर कब और किसे दिए गए हैं? के बारे में उन्हें कोई जानकारी
नहीं दी गई है। नगर पंचायत द्वारा रेलवे स्टेशन जोगिंद्रनगर की भूमि के
पार्क में धन खर्च किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में किसकी स्वीकृति ली
गई है। यह बताया नहीं जा रहा है। सोमवार को उन्हें नपं कार्यालय में जाने
नहीं दिया गया। उनसे कहा गया कि कार्यालय में बैठक चली हुई है। नपं
कार्यालय में हो रही बैठकों के बारे में बतौर पार्षद उन्हें पता होने
चाहिए। वह पार्षद रहते हुए जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
वहीं, उपाध्यक्ष
अजय धरवाल ने पार्षदों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते
हुए कहा कि जोगिंद्रनगर नगर पंचायत के पार्षद अपनी नाकामियों को छुपाने के
लिए और जनता को गुमराह करने के लिए निराधार आरोप लगा रहे हैं। वे लगभग
साढ़े चार वर्षों में कुछ नहीं कर पाए। पार्षदों ने साढ़े चार वर्षों के
कार्यकाल में जनता की सुध नहीं ली। अब चुनावों को नजदीक आते देखते हुए
घटिया बयानबाजी कर रहे हैं।