बरोट (मंडी)। चौहार घाटी और छोटा भंगाल क्षेत्रों के किसानों की वर्ष भर की नगदी आलू की फसल झुलसा रोग की चपेट में आ गई है। बीमारी के प्रकोप से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। किसानों सीता राम, रामसिंह, बीरी सिंह, कृष्ण, प्रताप, जीवन, शेर सिंह, दिनेश, प्यार चंद, राम रतन, भीम सिंह ने कहा कि आलू की फसल पर किसान पूरी तरह से निर्भर थे। झुलसा रोग लगने से जमीन में ही आलू का आकार कम हो जाता है। क्षेत्र में जुलाई 20 के बाद किसान आलू की फसल निकालना शुरू कर देते हैं।
जबकि इन दोनों क्षेत्रों में 50 से 60 हजार बैग आलू के हर वर्ष पैदा होते हैं। कई खेतों में आलू की पूरी फसल तबाह हो चुकी है। किसानों ने कहा कि इस बीमारी को रोकने के लिए कई इंतजाम भी किए गए हैं, लेकिन झुलसा रोग रोके नहीं रुक रहा है। दोनों क्षेत्रों के 120 गांवों में आलू की बिजाई होती है। टिकन के कृषि इंचार्ज अश्वनी कुमार ने किसानों को आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए उपयुक्त दवाई का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। कृषि उप निदेशक आरके कौंड़ल ने कहा कि विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गए है। किसानों को आलू को बीमारी से बचाने के लिए दवाइयों की छिड़काव की सलाह दी गई है।