मंडी। पंजाब नेशनल बैंक की चैलचौक शाखा की ओर से दायर ऋण वसूली मामले में मंडी जिला न्यायालय ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया है। वरिष्ठ सिविल जज मंडी की अदालत ने नितेश कुमार से 14,53,656 रुपये की वसूली के साथ 13.65 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और मुकदमे का खर्च अदा करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि ऋण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर स्वीकार करने के बाद उधारकर्ता जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
मामले के तथ्यों के अनुसार नितेश कुमार ने 9 मार्च 2016 को 14 लाख रुपये के टर्म लोन के लिए आवेदन किया था। आवश्यक दस्तावेज पूरे होने के बाद चैलचौक शाखा ने ऋण स्वीकृत किया। बाद में किस्तों के भुगतान में लगातार चूक होने पर बैंक ने 23 जून 2020 को 14,53,656 रुपये की वसूली के लिए सिविल वाद दायर किया। उधारकर्ता ने अदालत में दलील दी कि उससे खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए और ऋण का दुरुपयोग किया गया, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि प्रतिवादी ने ऋण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर स्वीकार किए हैं। इसके साथ ही 6 अक्तूबर 2018 को बैलेंस कन्फर्मेशन लेटर पर हस्ताक्षर से ऋण की देयता और सीमा अवधि दोनों सिद्ध होती हैं। अदालत ने बैंक द्वारा प्रस्तुत खातों के विवरण को सही मानते हुए पूरी राशि की वसूली का आदेश पारित किया। संवाद