जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पिपली, गोलवां और लांगणा में चिकित्सक ही नहीं हैं। करीब 35 हजार आबादी का स्वास्थ्य रामभरोसे चल रहा है। पीएचसी फार्मासिस्ट के हवाले हैं और यही मरीजों की नब्ज टटोल रहे हैं। हैरत की बात है कि घटना और दुर्घटना से घायल मरीजों को भी उपचार नहीं मिल पा रहा है।
बैजनाथ, पालमपुर, मंडी और कांगड़ा स्थित अस्पतालों में जाकर उपचार हासिल करने के लिए मजबूर हुए ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार के व्यवस्था परिवर्तन पर निशाना साधा। ग्रामीणों में संजीव कुमार, अजय, मीना देवी, विनोद कुमार, महेश, दिलीप कुमार, विमला देवी ने बताया कि कई किलोमीटर पैदल सफर करने के बाद भी जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें बेरंग लौटना पड़ रहा है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में प्रदेश सरकार को आइना दिखाया जाएगा।
उधर, बीस पंचायतों के स्वास्थ्य की जिम्मा संभालने वाले नागरिक अस्पताल लडभड़ोल में भी पांच चिकित्सकों के पद खाली हैं। यहां आपात स्थिति में भी मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को मायूष होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, सीएमओ मंडी डॉ. नरेंद्र कुमार भारद्वाज ने बताया कि डॉक्टरों के खाली पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी गई है।
विधायक बोले- जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर होगा प्रदर्शन
भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और लडभड़ोल अस्पताल में खाली पड़े चिकित्सकों के पदों का मामला विधानसभा सत्र में उठाने के बाद भी प्रदेश सरकार नहीं जागी। अगर एक हफ्ते में रिक्त पदों को भरा नहीं गया तो विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस सचिव जीवन ठाकुर ने बताया कि जोगिंद्रनगर में चरणवद्ध तरीके से चिकित्सकों के पद भरे जा रहे हैं।