मंडी में चौहारघाटी की बथेरी पंचायत के बल्हधार गांव के लिए सड़क न होने पर बीमार मरीज को पालकी से सड़क तक पहुंचाते लोग।
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कटौला (मंडी)। प्रदेश सरकार दुर्गम क्षेत्रों को अभी तक सड़क से नहीं जोड़ पाई है। इसका खामियाजा सैकड़ों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही हाल है चौहारघाटी के बथेरी पंचायत के बल्हधार गांव का। यहां गांव का कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे पांच किलोमीटर पैदल चल कर पालकी में उठाकर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। जिसके बाद ही मरीज को एंबुलेंस की सेवा नसीब हो सकती है। रोजमर्रा का सामान या राशन घर तक पहुंचना है तो लोगों को पीठ पर ले जाना पड़ता है। सड़क की सुविधा न होने से ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बथेरी पंचायत के बल्हधार, सगलवाह, जुलाग, खलबूट, नगैन और गुखरी गांव आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़े हैं। पंचायत की आधी आबादी इन गांवों में रहती है। सड़क सुविधा न होने से गांव से बीमार मरीजों को पालकी पर उठा कर पांच किलोमीटर दूर बथेरी पीएचसी लाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी नानक चंद, मस्त राम, दलीप कुमार, भागमल, सुरेश कुमार, नीला देवी, केशव राम, भादर सिंह, हेम राज, पूर्ण चंद का कहना है कि गांव के लिए सड़क न होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव में अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे पालकी में उठा कर बथेरी तक लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि कि गांव को सड़क से जोड़ा जाए।
इस बारे में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता केके शर्मा का कहना है कि सड़क की डीपीआर तैयार है। बथेरी से आगे जीप योग्य सड़क टिक्कर बल्ह बनाई जाएगी।