मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक इंद्रजीत ने पहाड़ी नाटियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। युवा गायक कुमार साहिल और पार्श्व गायिका एवं दंपती जोड़ी अर्शप्रीत कौर और अरीन अरोड़ा ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों ने अपने देश के लोकनृत्य और संस्कृति की प्रस्तुति से मंडी के लोगों को रूबरू करवाया। पांचवीं संध्या में सोमवार को उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
स्टार कलाकार इंद्रजीत ने मंच पर आते ही कुल्लवी लामण से संध्या का आगाज किया। उन्होंने हिमाचल शोभला देश हमारा, बुधुआ मामा, पखली मानू, तिरछी नजरें, साजा लागा माघेरा, तू एजी घरठे, लाड़ी शाउनी, मेरी बलमा, बालू शाई मेरे डालकी रामा, सोलमा लाड़ी, मारे लागी मंडी री जाच रिनुआ, सूटा सलादी, पीपली खाई लागी शी शी आदि नाटियों से दर्शकों को खूब नचाया।
युवा गायक कुमार साहिल ने डायमंड दी झांझर, ललारिया, लेके पहला पहला प्यार, कजरा मुहब्बत वाला आदि गीत गाकर मौजूद दर्शकों का मनोरंजन किया। मंडी की बहू एवं दंपती जोड़ी अर्शप्रीत कौर और अरीन अरोड़ा ने भी धमाल मचाया। अरीन ने केसरिया तेरा इश्क है पिया, तेरे बिन सानू सोणेया, ओ मेरी लुक ते मरदी सी जबकि पार्श्व गायिका अर्शप्रीत ने अपनी शुरुआती तौर में पहचान बनाने वाले गीत अल्ला वालेया जुगणी से आगाज कर आज की रात मजा हुस्न का आंखों से लिए, लैला मैं लैला, इश्क दी गली बिच नो एंट्री और दोनों ने मिल कर तारे गिनगिन रातों नूं गीत पेश किया।
इससे पहले सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत बीरी सिंह दल के कलाकारों ने शहनाई और ढोल नगाड़ों की थाप से की। बीके चौहान इक चरखा गली दे बिच डालेया, लाल चिड़िए, तिलक साहिल राज ने तुम से ही तुम से ही, कमल दीप ने तेरे कानो रा झुमका भाभिए, संजय कौंडल ने नागिन सा रूप है तेरा, तेजेंद्र ने दरवाजा खोल दिल का .. गीत से दर्शकों की वाहवाही लूटी।
अरनव ने शिव कैलाशो के वासी, शोभा ने चार दिनां दा प्यार ओ रब्बा..., शुभम ने तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है, राजकुमार ने मैं तैनू समझावां..., दारोगा जी छोरूवा नू समझाई..., सुरेश ने आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बन के, सुभाष ने तू माने या न माने दिलदारा... गाना गाकर दर्शकों को झुमाया।
इसके अलावा रेखा चौहान ने तुने मेरी अखियां दी नींद चुराई, राजेश कुमार ने प्यार तेरा पाणा गोरिए, श्रवण कुमार ने ओ मेरे दिल के चैन, आए मेरी गुजरिए तेरा क्या जीणा, नवीन कुमार ने पिया रे पिया रे, गुंजन चन्ना ने एक हसीना थी, कुलदीप ने तेरे बिन नई जीणा मर जाणा ढोलणा सहित अन्य कलाकारों ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।
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मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते लोक गायक अजय च