बारिश के लिए धूप देते देव कमरूनाग के गूर।
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गोहर (मंडी)। बारिश के लिए गोहर के किसानों ने जनपद के बड़ादेव कमरूनाग के गूरों की कुफरीधार मेले में बारिश के लिए परीक्षा ली। मंगलवार को देवता गोहर के कुफरी मेले में भाग लेने आए थे। जहां किसानों ने देवता के गूर लीलमणी का घेराव किया और उनसे बारिश का परता देने लिए धूप दिलाया। मगर दो घंटे का परता देने वाले वर्तमान गूर लीलमणी बारिश बरसाने में फेल रहे। जिससे किसानों में मायूसी छा गई और किसानों ने देवता के गूर और कारदारों को चेतावनी दी कि अगर बारिश नहीं होती है तो देवता को जाने नहीं दिया जाएगा। मंडी जिला के बड़ा देव कमरूनाग का गोहर में बारिश बरसाने के लिए सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को घेराव किया।
देव कमरूनाग अपनी सालाना जातर में भाग लेने के लिए कुफरी मंदिर पधारे हुए थे। जहां सैकड़ों किसानों ने देव कमरूनाग से बारिश बरसाने के लिए उनके गूरों की घेराबंदी कर दी है। किसानों ने देवता के माहरन मंदिर में डेरा जमा दिया है तथा देवता के गूरों से बारिश बरसाने के लिउनकी परीक्षा शुरू कर दी है। मंगलवार को देवता के मेले में आए लोगों में देवता से बारिश को लेकर भारी उत्सुकता देखी गई।
किसानों ने देव कमरूनाग के गूर को चेतावनी दी है कि जब तक बारिश नहीं होती तब तक देवता को माहरन मंदिर से जाने नहीं दिया जाएगा।
दोपहर को देव बालाकामेश्वर धंगयारा के गूर टिकम राम ने बारिश के लिए धूप दिया। मगर उनका परता भी फेल रहा। किसानों ने देवता के गूर को दो घंटे का समय दिया है। देवता के वर्तमान और पूर्व गूर दो घंटे बारिश के लिए परते का धूप देंगे। हजारों किसानों और लोगों की फरियाद पर देव कमरूनाग बारिश बरसाने की तैयारी में नहीं दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान गूर लीलमणी का परता फेल होने के बाद उनकी कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं। देवता के गूर लीलमणी ने बताया कि उन्होंने लोगों की गुहार पर बारिश के लिए धूप दिया है। मगर परता असफल रहा। उन्होंने कहा कि कोशिश जारी है।