सरकाघाट में रेहड़ी फड़ी हटाने के विरोध में प्रदर्शन करते किसान सभा व सीटू कार्यकर्ता।
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सरकाघाट (मंडी)। नगर पंचायत सरकाघाट में अदालत के आदेशों पर सरकाघाट बाजार तथा घुमारवीं-सरकाघाट सुपर हाईवे किनारे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने पहुंचे विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार को सवा तीन बजे के करीब अधिकारी दल बल के साथ अवैध कब्जे हटाने के लिए कार्रवाई करने के लिए बाजार में पहुंचे। इससे पहले ही प्रशासन कब्जों को हटा पाता, किसान सभा व सीटू के बैनर तले लोगों ने नारेबाजी व प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जिससे प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी।
सरकाघाट बाजार और सुपर हाईवे के किनारे 88 खोखा चालकों, रेहड़ी-फ ड़ी धारकों के कब्जे वर्तमान में हैं। स्थानीय अदालत ने इन कब्जाधारियों को 30 और 31 जनवरी तक अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, कब्जाधारियों ने कब्जे नहीं हटाए। जिस पर प्रशासन कार्रवाई करने बाजार में पहुंचा। लेकिन, कार्रवाई होने से पहले ही किसान सभा के नेता व सीटू के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सुरेश शर्मा और मुनीष शर्मा की अगुवाई में कब्जाधारियों ने प्रशासन का विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिस पर अधिकारियों को बिना कार्रवाई के ही लौटना पड़ा। किसान सभा के नेताओं का कहना है कि रेहड़ी-फड़ी धारकों के वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने तक इन्हें न छेड़ा जाए। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने रेहड़ी फड़ी धारकों को एक माह पूर्व 30 और 31 जनवरी तक स्वयं कब्जे हटाने के नोटिस जारी किये थे। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार बलद्वाड़ा अमर सिंह, एनएच अॅथारिटी के एसडीओ और पुलिस दल मौके पर पहुंचे थे। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप राणा का कहना है कि अदालत के आदेशों पर कार्रवाई की जा रही है। एक माह पूर्व ही कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर कब्जे छोडने के लिए कहा गया था।