जोगिंद्रनगर में हुई पेंशनर महासंघ की बैठक
सरकार के उदासीन रवैये पर बिफरे पेंशनर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त करीब दो लाख पेंशनरों में वित्तीय लाभ न मिलने पर रोष है। पंचायतीराज चुनाव के बहिष्कार को लेकर भी पेंशनरों ने दो टूक चेतावनी दे दी है। जोगिंद्रनगर में शनिवार को हिम आंचल पेंशनर महासंघ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इकाई अध्यक्ष नेक राम शास्त्री ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने पर संशोधित डीए और एरियर के भुगतान पर सरकार को घेरते हुए महासंघ ने धरने प्रदर्शन की चेतावनी दे दी है।
महासंघ का कहना है कि मांगें पूरी न होने पर पंचायतीराज चुनाव के बहिष्कार को लेकर भी गुरेज नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष का आरोप है कि चिकित्सा बिलों का भुगतान न होना सरकार की बड़ी लापरवाही है। 2016 से 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों का वेतन संशोधन अधर में लटका हुआ है। हिमाचल प्रदेश में बीते दस साल से वेतन विसंगतियों में कोई भी सुधार न होने से करीब एक लाख 80 हजार पेंशनरों को अपने हक की लड़ाई के लिए सरकार के समक्ष धरने-प्रदर्शन के लिए लामबंद होना पड़ रहा है। इससे पहले बैठक में मौजूद रमेश पठानिया, रविंद्र शर्मा, प्रकाश वर्मा आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी पेंशनरों को वित्तीय लाभ दिलाने की घोषणा के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी। बैठक में प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र शर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश वर्मा, उपप्रधान दान सिंह, शरद सिंह, विनोद कुमार, सुंदर सिंह, हरदेव, प्यार चंद, बेली राम, नरेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, चमेल, राजकुमार और प्रभात सिंह मौजूद रहे।