प्रदेश राज्य विद्युत परिषद पेंशनर्स फोरम की बैठक में विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक सदर यूनिट के अध्यक्ष रमेश वालिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्टीरिंग कमेटी के कन्वीनर चंद्र सिंह मंडयाल कन्वीनर ने विशेष रूप से शिरकत की।
बैठक चंद्र सिंह मंडयाल की अगुवाई में पेंशनर्स का प्रतिनिधिमंडल इंजीनियर चीफ सेंट्रल जोन से मिला और उन्हें कार्यालय के लिए कमरा आवंटन के लिए शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। संगठन की मुख्य मांगों में पेंशन अलाउंस का मूल पेंशन में समायोजित किया जाए, बढ़ी हुई ग्रेड पे का भुगतान पहली अक्तूबर 2012 के बजाए एक जनवरी 2006 से दी जाए, चिकित्सा भत्ता 500 रुपये प्रतिमास किया जाए, इलैक्ट्रिसिटी अलाउंस सेवारत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तर्ज पर सेवानिवृत्तों को प्रदान किया जाए, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए मंडलों को अधिक राशि आवंटित की जाए, एक कमरा पेंशनर्स का कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए आवंटित किया जाए, निजी अस्पतालों में इलाज की पर्ची की अवधि सात दिन के बजाए एक बार में 30 दिन की मानी जाए, महंगाई भत्ता एक जुलाई 2015 से जारी किया जाए, पेंशनरों के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए, दो साल के एक बार मूल पेंशन के बराबर यात्रा भत्ता प्रदान किया जाए, मई 2003 के बाद लगे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी को सीसीएस पेंशन रूलज 1972 के अंर्तगत पेंशन दी जाए, सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक रैंक एक पेंशन दी जाए शामिल है।
सचिव हेमराज मल्होत्रा एवं कार्यकारिणी सदस्य गजपाल सिंह ने विद्युुत बोर्ड और मुख्य अभियंता परिचालन मध्य जोन को चेतावनी दी है कि अगर पेंशनर्स को ऑफिस चलाने के लिए सरकारी पेंशनर्स की तर्ज पर कमरा आवंटित नहीं किया तो 15 दिनों में पेंशनर्स किसी भी हद तक अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर महिंद्र सिंह गुलेरिया, सिधू राम हांडा, एआर गौतम, वाईके शर्मा, जागीर चंद वर्मा और इंद्रजीत और अन्य मौजूद रहे। इस अवसर पर पेंशनरों ने दिवगंत साथियों भगत राम अधीक्षक व घनश्याम फोरमैन के निधन पर दो मिनट का मौन रखा।