पधर (मंडी)। हिमाचल पेंशनर कल्याण संघ ने अपनी मांगों के पूरा न होने पर सरकार के खिलाफ कड़ा ऐतराज जताया है। संघ का आरोप है कि सरकार उनकी पांच सूत्रीय मांगों की अनदेखी कर रही है। इस बारे में शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संघ सरकार के खिलाफ बगावत पर उतारू हो जाएगा।
शनिवार को वन विश्राम गृह उरला में आयोजित द्रंग ब्लाक पेंशनर कल्याण संघ की बैठक के दौरान अध्यक्ष एमसी चौहान ने कहा कि संघ अपनी पांच सूत्रीय मांगों को कई बार सरकार के समक्ष उठा चुका है लेकिन इस बारे में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में संघ सरकार से खफा है। प्रदेश सरकार चिकित्सा बिलों के भुगतान को लेकर सभी विभागों में बजट प्रावधान करे और चिकित्सा भत्ता एक हजार प्रतिमाह दिया जाए।
डीए की राशि नियमानुसार 50 प्रतिशत मूल वेतन में जोड़ कर दी जाए और जनवरी 2016 से देय डीए की किस्त शीघ्र मुहैया करवाई जाए। पेंशनरों के आश्रितों को नौकरी में आरक्षण तथा करुणामूलक आधार पर नौकरी दी जाए। एलटीसी की सुविधा के लिए हर दो साल बाद एक माह की अतिरिक्त पेंशन दी जाए। इसके अलावा 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पार कर चुके पेंशनरों को मिलने वाला पांच, दस, पंद्रह और बीस प्रतिशत भत्ता मूल वेतन में जोड़ कर उपलब्ध करवाया जाए। सरकार संघ की पांच सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा नहीं करता है तो पेंशनर सरकार के खिलाफ उतारू हो जाएंगे। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष केआर ठाकुर, बीआर ठाकुर, महासचिव केसी नेगी, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण पालसरा, यूएस चौहान, ऑडिटर नौखू राम शर्मा, जोगिंद्र पाल शर्मा, प्रेम सिंह, गोकल चंद, राम दास, हिरदा राम, प्रकाश चंद, सतीश शर्मा, खजाना राम और खूब राम आदि मौजूद रहे।