थुनाग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन का दत्तनगर प्रसंस्करण संयंत्र महिलाओं को दूध की समय पर अदायगी नहीं कर पा रहा है। दूध के कारोबार से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। छतरी उपतहसील के ब्रेयोगी बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) से जुड़ी 16 दुग्ध सोसायटियों का दिसंबर माह का 60 लाख रुपये जनवरी बीत जाने का बाद भी नहीं मिल पाया है।
अब जनवरी की देनदारी जोड़कर 1.20 करोड़ रुपये हो गई है। दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं सत्या, कुननू, कृष्णा, हेमा और प्रेमलता ने बताया कि दुग्ध सोसायटियों को हर महीने दस तारीख तक अदायगी हो जाती थी लेकिन इस बार जनवरी पूरा बीत गया है। दिसंबर माह का अदायगी भी नहीं हो पाई है।
हिमाचल प्रदेश दुग्ध उत्पादक संघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बिहारी लाल ने बताया कि हिमाचल सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 रुपये निर्धारित कर रखा है। सरकार के इस निर्णय के बाद बड़े पैमाने पर महिलाओं ने दुग्ध उत्पादन में निवेश कर रखा है। गरीब महिलाओं ने कर्ज लेकर गाय खरीदी हैं। समय पर अदायगी न मिलने से नेह ऋण की अदायगी नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सरकार से दूध की अदायगी करने का आग्रह किया है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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एक दिन में 62 सौ लीटर दूध की आपूर्ति
छतरी उपतहसील की 16 सोसायटियां जिसमें छतरी, बगड़ा, पोखी, थुआ, रूहमणी, ठैंसर, कांढी, थाच चपलांदी, धार टिपरा, कोट, बाग, करगाणु, कुठेल, जयबाग, बहली और सैंज प्रतिदिन ब्रेयोगी स्थित बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) में 62 सौ लीटर दूध भेजती हैं। महीने का लगभग एक लाख 80 हजार लीटर बनता है।
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अभी दत्तनगर से पेमेंट नहीं आई है। जैसे ही पैसे आएंगे, वह सीधे सोसायटियों के खाते में जमा हो जाएगा।
-गोबिंद राम, सेल्समैन बीएमसी ब्रेयोगी
हमारी ओर से कोई देरी नहीं हुई है। हमने बिल मुख्यालय को भेज दिए हैं वहां से सीधे सोसायटियों के खाते में पैसा आएगा।
-प्रवीण शर्मा, यूनिट इंचार्ज, दत्तनगर प्रसंस्करण संयंत्र